त्रिभुवन शर्मा की रिपोर्ट
प्रयागराज। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित 25 दिवसीय प्रस्तुतिपरक बाल नाट्य कार्यशाला का रंगारंग समापन बुधवार को केंद्र प्रेक्षागृह में हुआ। कार्यशाला के समापन अवसर पर “थियेटर इन एजुकेशन” के अंतर्गत प्रशिक्षक सिद्धार्थ के निर्देशन में बच्चों द्वारा तैयार नाटक “जीरो से हीरो” का प्रभावशाली मंचन किया गया।
मुख्य अतिथि के रूप में पधारे प्रोफेसर हरेश प्रताप सिंह, सदस्य, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को कार्यक्रम प्रभारी मदन मोहन मणि द्वारा पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
नाटक “जीरो से हीरो” में लोकप्रिय बाल-कथा “कछुआ और खरगोश” की तर्ज पर आधुनिक संदर्भों के साथ एक प्रेरक कहानी प्रस्तुत की गई। नाटक के दो मुख्य पात्र – हप्पी (खरगोश का रूप) और गप्पी (कछुए का रूप) – के माध्यम से यह दिखाया गया कि किस तरह आलस्य, झूठ और चतुराई की जगह परिश्रम, सत्य और आत्मस्वीकारोक्ति का मार्ग ही सच्चा विजेता बनाता है।
कहानी में हप्पी अपनी आदतों की वजह से मेहनत नहीं करता और क्लास टेस्ट में फेल हो जाता है, जबकि उसका भाई गप्पी उसे झूठ बोलकर हतोत्साहित करता है। एक साइकिल रेस के दौरान गप्पी धोखे से जीत हासिल कर लेता है, लेकिन उसके झूठ का पर्दाफाश तब होता है जब बाबा जी द्वारा दिए गए श्राप के चलते हर झूठ पर उसकी नाक बढ़ने लगती है। अंततः आत्मबोध और दादा जी के समझाने से गप्पी अपनी गलती स्वीकार करता है और हप्पी को हीरो की ट्रॉफी सौंप देता है।
इस भावनात्मक और शिक्षाप्रद प्रस्तुति में क्षितिज शर्मा, गरिमा, देवांश माहौर, रियांश, प्रवीण खरे, आद्या सिंह, ईशा देव, अनुदर्श, पंखुड़ी वर्मा, अविका, प्रज्ञा तिवारी, मनस्वी जैसे बाल कलाकारों ने अपने शानदार अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का संचालन मधुकांक मिश्रा ने किया। गुरुवार को नाटक “आर्टिकल 19: ए थिएट्रिकल ट्रिब्यूट टू अनसंग हीरोज” का मंचन होगा।










