त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट
प्रयागराज। करमा नर्सिंग एवं पैरामेडिकल कॉलेज में INC मान्यता न होने पर अभाविप प्रयाग महानगर ने जिलाधिकारी कार्यालय पर किया विरोध प्रदर्शन, उचित कार्यवाही की मांग। घूरपुर स्थित करमा नर्सिंग एवं पैरामेडिकल सेंटर में इंडियन नर्सिंग काउंसिल (INC) की मान्यता न होने के गंभीर खुलासे के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, प्रयाग महानगर के कार्यकर्ताओं द्वारा गुरुवार को जिलाधिकारी कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया गया। कॉलेज द्वारा मान्यता संबंधी सही जानकारी छिपाकर छात्रों का प्रवेश लेने और उनके शैक्षणिक भविष्य से खिलवाड़ करने के खिलाफ अभाविप ने इसे अत्यंत आपत्तिजनक और दंडनीय कृत्य बताया है।
छात्रों द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज़ों की जांच से स्पष्ट हुआ कि कॉलेज को INC की मान्यता प्राप्त नहीं है, जबकि प्रवेश के समय संस्था द्वारा भ्रामक जानकारी दी गई थी। इस कारण छात्रों का अध्ययन, रोजगार और रजिस्ट्रेशन पूरी तरह अनिश्चित हो गया है। इसी मुद्दे को लेकर बड़ी संख्या में विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं के साथ संस्था के छात्र-छात्राएं गुरुवार को डीएम कार्यालय के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन सक्रिय हुआ और अपर जिलाधिकारी (एडिशनल डीएम) मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्रों एवं अभाविप प्रतिनिधियों से विस्तृत वार्ता की। इसी दौरान अपर जिलाधिकारी ने संस्था के निर्देशक एवं प्रशासन को तलब कर कड़ी फटकार लगाई और स्पष्ट निर्देश दिया कि 15 दिनों के भीतर यदि कॉलेज INC की मान्यता प्राप्त नहीं करता है, तो संस्था के खिलाफ कठोर विधिक कार्यवाही की जाएगी। इसके अलावा एडिशनल डीएम ने अभाविप से 15 दिनों का समय मांगा और आश्वासन दिया कि निर्धारित अवधि के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
अभाविप ने स्पष्ट कहा है कि यदि 15 दिनों के भीतर ठोस एवं संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती है, तो विद्यार्थी परिषद उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
अभाविप की प्रमुख मांगें
सभी छात्रों को किसी मान्यता प्राप्त कॉलेज में स्थानांतरित किया जाए। या छात्रों की पूरी फीस अविलंब वापस की जाए। साथ ही कॉलेज प्रबंधन पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
अभाविप प्रयाग महानगर मंत्री प्रतीक मिश्रा सूरज ने कहा कि “छात्रों के भविष्य के साथ इस प्रकार का छल किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। करमा नर्सिंग कॉलेज द्वारा गलत जानकारी देकर प्रवेश लेना सीधा-सीधा धोखाधड़ी है। अभाविप छात्रों के साथ खड़ी है और जब तक प्रत्येक छात्र को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा। यदि प्रशासन शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं करता, तो परिषद उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी।”
जिला संयोजक यमुना पार प्रशांत सिंह ने कहा कि “अभाविप छात्रों के हितों की रक्षा के लिए सतत संघर्षरत है। करमा नर्सिंग कॉलेज की इस गंभीर लापरवाही ने सैकड़ों छात्रों को मानसिक, आर्थिक और शैक्षणिक संकट में डाल दिया है। 15 दिनों की निर्धारित अवधि के भीतर यदि छात्रों को न्याय नहीं मिलता, तो विद्यार्थी परिषद चरणबद्ध आंदोलन की ओर बढ़ेगी और जिम्मेदार अधिकारियों व कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेगी।”
अभाविप ने स्पष्ट किया है कि छात्रहित सर्वोपरि है और परिषद किसी भी प्रकार के समझौते के खिलाफ है। छात्रों को न्याय दिलाने के उद्देश्य से संघर्ष लगातार जारी रहेगा।

इस मौके पर अंबुज, आदर्श, नीलांबर सहित विद्यार्थी परिषद के अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।










