“ए री सखी मंगल गाओ री” के सुरों से सजी ‘चलो मन गंगा–यमुना तीर’ की सांस्कृतिक संध्या, एस. मंगलामुखी ने कथक नृत्य से दर्शकों को किया अभिभूत।