डिमिक डिमिक डमरू कर बाजे प्रेम मगन नाचे भोला पर जमकर थिरके श्रोता।

डिमिक डिमिक डमरू कर बाजे प्रेम मगन नाचे भोला पर जमकर थिरके श्रोता।

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट

प्रयागराज। डिमिक डिमिक डमरू कर बाजे प्रेम मगन नाचे भोला पर जमकर थिरके श्रोता। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार एवं संस्कार भारती के संयुक्त तत्वावधान में माघ मेला सेक्टर दो में चल रहे चलो मन गंगा यमुना तीर में सोमवार की सांस्कृतिक संध्या प्रसिद्ध नृत्यांगना सरोज ढींगरा से झिलमिलाती रही। उनकी नृत्य भंगिमाओं में भारतीय शास्त्रीय नृत्य की गहराई और भावनाओं की अनोखी अभिव्यक्ति देखने को मिली। सरोज ढींगरा एवं दल ने पारंपरिक नृत्य नाटिका के साथ समकालीन प्रयोगों का सुंदर संयोजन पेश किया। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के बचपन की माखन चोरी की सुंदर स्मृतियों को मंच पर जीवंत किया। भगवान शिव और माता पार्वती के शक्तिशाली और दिव्य नृत्य को दर्शाता एक सुंदर नृत्य-चित्र गर्विता में भावनात्मक अभिव्यक्ति और नृत्य कौशल की झलक दिखाई। इसके बाद डॉ. प्रतिभा मिश्रा ने हर-हर गंगे नमो-नमो गंगे, मनवा मोरे भज ले रे तू राम, संगम तीरे लागल माघ मेला, गोदना गोदइबे गोदना एवं बैल पे सवार भोला आए जैसे गीतों की प्रस्तुति देकर खूब तालियां बटोरीं।

रंजना मिश्रा ने डिमिक-डिमिक डमरू, गंगा रेती पे बंगला, मोरा फागुन जिया बहके और जिया रोज मेरे घर आवै की भावपूर्ण प्रस्तुतियों से श्रोताओं को आनंदित किया। वहीं जलज श्रीवास्तव ने ठुमरी आड़ पिया की आए, सैयां के रंग हजार एवं हटो जावो रे ना बोलो सैयां प्रस्तुत कर संध्या को शास्त्रीय रंगों से भर दिया। संगत कलाकारों में हारमोनियम पर पंकज श्रीवास्तव, तबले पर वासुदेव पांडे एवं सिंथेसाइजर पर शीबू चतुर्वेदी ने साथ दिया।

इस अवसर पर ब्रह्मनाद कला महोत्सव के अंतर्गत आयोजित चित्रकला, नुक्कड़ नाटक एवं मूर्तिकला प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों (प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं सांत्वना) को केंद्र निदेशक सुदेश शर्मा, कार्यक्रम सलाहकार कल्पना सहाय एवं संस्कार भारती संगठन मंत्री दीपक शर्मा द्वारा पुरस्कार एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का कुशल संचालन आकाश अग्रवाल ने किया।

AT Samachar
Author: AT Samachar

Leave a Comment

और पढ़ें

Buzz4 Ai