त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट
प्रयागराज। “ए री सखी मंगल गाओ री” के सुरों से सजी ‘चलो मन गंगा–यमुना तीर’ की सांस्कृतिक संध्या, एस. मंगलामुखी ने कथक नृत्य से दर्शकों को किया अभिभूत। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार एवं संस्कार भारती के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘चलो मन गंगा–यमुना तीर’ कार्यक्रम के अंतर्गत सोमवार की सांस्कृतिक संध्या भजन गायक किशोर चतुर्वेदी एवं सुप्रसिद्ध कथक नृत्यांगना देवेन्द्र देविका एस. मंगलामुखी की मनोहारी प्रस्तुतियों के नाम रही।

कार्यक्रम का शुभारंभ लोक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत सशक्त बिरहा से हुआ। इसके पश्चात कथक नृत्यांगना देवेन्द्र देविका एस. मंगलामुखी ने गंगा जी के आह्वान के साथ लखनऊ घराने के झपका कथक की प्रस्तुति देकर दर्शकों को तालियों से मंच को गूंजाने पर विवश कर दिया। उन्होंने शिव रुद्राष्टकम्, पारंपरिक तीन ताल में उपज, ठाठ, विलंबित, टुकड़े, तिहाई एवं सवाल–जवाब की सशक्त प्रस्तुति दी। अभिनय पक्ष में पंडित बिंदादिन महाराज जी की प्रसिद्ध ठुमरी “डगर चलत” को कथक के माध्यम से भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया।
इसके उपरांत भजन गायक किशोर चतुर्वेदी ने चलो मन गंगा–यमुना तीर, ए री सखी मंगल गाओ री एवं भला हुआ मेरी मटकी फूटी जैसे लोकप्रिय भजनों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। वहीं स्वाति रिज़वी ने सबसे ऊंची प्रेम सगाई तथा गंगा मैया में जब तक के पानी रहे की प्रस्तुति देकर श्रोताओं से खूब तालियां बटोरीं। आराधना विश्वकर्मा ने उपशास्त्रीय गायन प्रस्तुति दी।
इसके बाद प्रत्युष श्रीवास्तव ने जलतरंग व भजन गायन के माध्यम से सांवली सूरत पे मोहन, सजा दो घर को गुलशन सा मेरे सरकार आए हैं तथा छाप तिलक की जोरदार प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। तबले पर राजकुमार, हारमोनियम पर संतोष तिवारी एवं वाद्य यंत्रों पर ज्योति प्रकाश शुक्ल ने संगत की। वहीं संगम क्षेत्र में मान सिंह एवं दल द्वारा स्वच्छता पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया।

इस अवसर पर राष्ट्रीय शिल्प मेला के अंतर्गत आयोजित नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता तथा ब्रह्मनाद कला महोत्सव के तहत मंत्रोच्चारण, काव्यपाठ, वादन, गायन, नृत्य, चित्रकला एवं मृत्तिकला प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों (प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं सांत्वना) को संस्कार संस्कार भारती संगठन मंत्री दीपक शर्मा, केंद्र निदेशक श्री सुदेश शर्मा, कार्यक्रम सलाहकार कल्पना सहाय एवं उपनिदेशक डॉ. मुकेश उपाध्याय द्वारा पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन मनोज कुमार ने किया।










