त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट
प्रयागराज। शुआट्स में ‘मानव मुक्ति दिवस’ के रूप में मनाया गया क्रिसमस पर्व, कुलपति ने दिया शांति का संदेश। जनपद के नैनी स्थित सैम हिग्गिनबॉटम कृषि प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान विश्वविद्यालय (शुआट्स) में क्रिसमस का पावन पर्व ‘मानव मुक्ति दिवस’ के रूप में धूमधाम से मनाया गया। यीशु दरबार चर्च प्रांगण में आयोजित इस कार्यक्रम में मसीही समाज और प्रभु के विश्वासियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

समारोह का शुभारंभ प्रार्थना के साथ हुआ। इसके बाद इथेल हिगिंबॉटम स्कूल और यीशु दरबार संडे स्कूल के बच्चों ने प्रभु यीशु मसीह के जन्मोत्सव पर आधारित मनमोहक झाकिया प्रस्तुत की। बच्चों ने बाइबिल के वचनों के अनुरूप प्रभु के जन्म के दृश्यों को जीवंत किया।

विद्यार्थियों ने “यहोवा राजा है”, “ऐसा प्यारा मसीहा हमारा आया है” और “यीशु आया है, मुक्ति साथ लाया है” जैसे भक्तिपूर्ण गीतों और नृत्यों से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
शुआट्स के कुलपति एवं यीशु दरबार के बिशप, प्रोफेसर (डॉ.) राजेंद्र बी. लाल ने इस अवसर पर जनसमुदाय को संबोधित किया। उन्होंने क्रिसमस के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि परमेश्वर का मनुष्य से मिलन है। प्रभु यीशु ने ईश्वर और इंसान के बीच की दूरी मिटाने के लिए देह धारण की।

बिशप लाल ने बताया कि प्रभु का संदेश बुराई को भलाई से जीतने का है। उन्होंने अपने सताने वालों को क्षमा करने और बैरियों के लिए प्रार्थना करने की शिक्षा दी, ताकि लोग परमेश्वर की सच्ची संतान बन सकें।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि यीशु मसीह वह युगपुरुष हैं जिन्होंने समय की धारा को दो भागों (ईसा पूर्व और ईसा पश्चात) में विभाजित किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यीशु मसीह का सुसमाचार संपूर्ण मानव जाति के कल्याण और उद्धार के लिए है।
डॉ. लाल ने अपने संदेश के अंत में कहा कि भारत की संस्कृति आध्यात्मिक खोज की रही है।
इस अवसर पर शुआट्स के प्रति कुलपति (एडमिनिस्ट्रेशन) प्रो. डॉ बिस्वरूप मेहरा, प्रति कुलपति (एकडमिक अफेयर्स) प्रो. डॉ. जोनाथन लाल, प्रति कुलपति (पी. एम. डी) प्रो डॉ रितु प्रकाश दूबे, कुलसचिव प्रो डा रानू प्रसाद, निदेशक पी. आर डॉ रमाकांत दूबे, निदेशक प्रसार डॉ प्रवीण चरण सहित समस्त डीन, शिक्षक एवं कर्मचारी एवं भरी संख्या मे छात्र और श्रद्धालु उपस्थित रहे।










