त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट
प्रयागराज। प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जयंती पर कांग्रेसियों ने किया माल्यार्पण। भारत के प्रथम राष्ट्रपति और भारत रत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी की जयंती आज (3 दिसंबर) मनाई गई। इस अवसर पर, स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कुल भास्कर आश्रम स्थित उनकी प्रतिमा पर पहुंचकर माल्यार्पण किया और उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया।
सादगी और उच्च विचारों को किया नमन
डॉ. राजेंद्र प्रसाद का जन्म 3 दिसंबर को बिहार के जीरादेई ग्राम में हुआ था। वह दो बार भारत के राष्ट्रपति रहे। उनकी सबसे बड़ी पहचान सत्ता की चकाचौंध से दूर उनकी अत्यंत सादगी थी। राष्ट्रपति पद से सेवानिवृत्त होने के बाद भी उनके पास अपना निजी मकान नहीं था। उन्होंने अपना शेष जीवन सदाकत आश्रम में बिताया, जो उनकी निस्वार्थ भावना को दर्शाता है।

माल्यार्पण कार्यक्रम में उपस्थित कांग्रेस नेता इरशाद उल्ला, राजकुमार सिंह, गज्जू भैया, राज बहादुर गुप्ता, राजकुमार त्रिपाठी, राजेश हेल, गोपाल हेल, सुभाष हेला, कुलदीप यादव, अभय वर्मा, देशपाल, विपिन वर्मा, आकाश मौर्य, और ऋषभ सिंह सहित कई कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने मिलकर देश के पहले राष्ट्रपति के महान योगदान और सादगीपूर्ण जीवन को याद किया।










