मंडल प्रभारी अवनीत कुमार शर्मा की रिपोर्ट
रामपुर। कांग्रेस का बेड़ा गर्क होना तय, डूबते जहाज के साथ जो भी बैठेगा, वह भी डूबेगा”-मुख्तार अब्बास नकवी। पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आगामी पंचायत और विधानसभा चुनावों को लेकर भाजपा की तैयारियों पर चर्चा करते हुए कहा कि विपक्षी दलों का गठबंधन एक “डूबता हुआ जहाज” है।
नकवी ने कहा कि 2024-25 में देश ने कई राजनीतिक और सामाजिक चुनौतियों का सामना किया, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में देश सफलता की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा की पराक्रम के बजाय ईवीएम से पंगा: उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल चुनाव मैदान में पराक्रम दिखाने के बजाय चुनावी मशीनों (EVM) से उलझते रहते हैं, जिसका नतीजा जनता उन्हें अपनी वोटों से धूल चटाकर देती है।
नकवी ने आरोप लगाया कि एक “गुमराह गैंग” देश में भय और भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन जनता उनकी धूर्तता को समझ चुकी है।
कांग्रेस और गठबंधन पर कटाक्ष कांग्रेस को “वयोवृद्ध पार्टी” बताते हुए नकवी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी हो या अन्य राज्यों में अन्य क्षेत्रीय दल, जो भी कांग्रेस के साथ खड़ा होगा, उसका डूबना तय है। उन्होंने कहा “कांग्रेस एक ऐसा डूबता हुआ जहाज है जिसमें चाहे ड्राइवर हो या पैसेंजर, हर कोई एक-दूसरे की टांग खींचने में लगा है। इसके साथ जो भी गठबंधन करेगा, वह बचेगा नहीं।”
रामपुर की स्थानीय राजनीति और आगामी पंचायत चुनावों पर चर्चा करते हुए नकवी ने बताया कि जिला अध्यक्ष हरीश गंगवार और उनकी टीम सभी ग्राम सभाओं में मजबूती से काम कर रही है। उन्हें पूरा भरोसा है कि जिला पंचायत अध्यक्ष और अधिकांश सदस्य भाजपा के ही चुने जाएंगे। उन्होंने विपक्षी दलों को चेतावनी दी कि “सावधानी हटी, दुर्घटना घटी,” क्योंकि भाजपा जनता के बीच बिना थके काम कर रही है।
अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बात करते हुए नकवी ने बांग्लादेश की स्थिति पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वहां अल्पसंख्यकों के साथ हो रहा जुल्म मानवता के लिए खतरा है। उन्होंने कट्टरपंथी तत्वों को “जल्लाद जिहादी जानवर” बताते हुए कहा कि वहां की व्यवस्था को हाईजैक कर लिया गया है, जो किसी भी मुल्क या मजहब के हित में नहीं है।










