त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट
प्रयागराज। प्रयागराज जंक्शन पर नकली/डुप्लीकेट यूटीएस टिकटों की पहचान हेतु परामर्श सत्र आयोजित। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक/कोचिंग, हरिमोहन के निर्देशन में प्रयागराज जंक्शन पर टिकट चेकिंग स्टाफ के लिए एक महत्वपूर्ण परामर्श सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र का संचालन मुख्य टिकट निरीक्षक/टिकट चेकिंग, अंबरीश राय द्वारा किया गया, जिसमें स्टेशन पर तैनात समस्त टिकट चेकिंग कर्मचारियों को नकली एवं डुप्लीकेट यूटीएस टिकटों की पहचान के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
परामर्श सत्र के दौरान मुख्य टिकट निरीक्षक/टिकट चेकिंग ने बताया कि वर्तमान समय में तकनीकी दुरुपयोग के चलते नकली टिकटों के मामले देखने को मिल रहे हैं, जिससे रेलवे को राजस्व हानि होने के साथ-साथ सुरक्षा संबंधी जोखिम भी उत्पन्न होते हैं। उन्होंने कर्मचारियों को टिकट पर मुद्रित विवरण, फॉन्ट, QR कोड की वैधता, समय-मुद्रण (timestamp) तथा टिकट जारी करने के स्रोत की जांच जैसे विभिन्न प्रकार के संदिग्ध टिकटों की पहचान करने के व्यावहारिक तरीके समझाए।
उन्होंने यह भी बताया कि यूटीएस मोबाइल ऐप एवं काउंटर से जारी टिकटों में कुछ विशेष सुरक्षा विशेषताएं होती हैं, जिन्हें ध्यानपूर्वक जांचकर असली और नकली टिकट में अंतर किया जा सकता है। कर्मचारियों को यह निर्देशित किया गया कि किसी भी संदिग्ध टिकट के मामले में तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित करें तथा आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
परामर्श सत्र के दौरान कर्मचारियों ने भी अपने अनुभव साझा किए तथा विभिन्न प्रकार के मामलों पर चर्चा की गई। इससे उन्हें वास्तविक परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने में सहायता मिलेगी।
अंत में मुख्य टिकट निरीक्षक/टिकट चेकिंग ने सभी कर्मचारियों से अपील की कि वे सतर्कता एवं जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें तथा रेलवे की आय एवं प्रतिष्ठा की रक्षा में सक्रिय योगदान दें। यह पहल रेलवे द्वारा पारदर्शिता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।










