एम्स भोपाल व डीआरडीओ-डीआईपीएएस के बीच रक्षा एवं चिकित्सा फिजियोलॉजी अनुसंधान सहयोग समझौता

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ATSरिपोर्टर देवेन्द्र कुमार जैन भोपाल मध्यप्रदेश

एम्स भोपाल और डीआरडीओ की प्रमुख प्रयोगशाला डिफेंस इंस्टीट्यूट ऑफ फिजियोलॉजी एंड एलाइड साइंसेज (डीआईपीएएस) के बीच चिकित्सा एवं रक्षा शरीर क्रिया विज्ञान अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते पर एम्स भोपाल की ओर से कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) माधवानन्द कर तथा डीआईपीएएस की ओर से निदेशक श्री देवकान्त पहाड़ सिंह ने हस्ताक्षर किए। यह सहयोग अत्यधिक ऊँचाई, कठिन एवं युद्ध जैसी परिस्थितियों में कार्यरत सैनिकों के स्वास्थ्य, कार्यक्षमता और प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए संयुक्त अनुसंधान तथा स्वदेशी तकनीकों के विकास पर केंद्रित रहेगा। दोनों संस्थान उच्च पर्वतीय एवं अत्यधिक वातावरणीय शरीर क्रिया विज्ञान, संज्ञानात्मक तंत्रिका विज्ञान, तनाव प्रबंधन, बायोमेडिकल इंजीनियरिंग, पहनने योग्य तकनीक तथा एर्गोनॉमिक्स जैसे क्षेत्रों में मिलकर कार्य करेंगे। एम्स भोपाल के शरीर क्रिया विज्ञान विभाग की न्यूरोफिजियोलॉजी, आरटीएमएस, हृदय एवं स्वायत्त तंत्रिका कार्य, फेफड़ों की कार्यक्षमता, एर्गोनॉमिक्स तथा संवेदी मूल्यांकन संबंधी अनुसंधान सुविधाओं को इस सहयोग का प्रमुख आधार बनाया जाएगा।डीआईपीएएस के वैज्ञानिकों ने एम्स भोपाल की अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाओं का विस्तृत भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने फिजियोलॉजी प्रयोगशाला, कम्प्यूटेशनल 3डी मॉडलिंग एवं बायोमैकेनिक्स प्रयोगशाला तथा फ्लोरेसेंस-एक्टिवेटेड सेल सॉर्टिंग (एफएसीएस) प्रयोगशाला का अवलोकन कर वहाँ उपलब्ध उन्नत अनुसंधान अवसंरचना एवं अत्याधुनिक तकनीकों की जानकारी प्राप्त की। यह सहयोग रक्षा चिकित्सा, फिजियोलॉजी एवं जैव-चिकित्सा अनुसंधान को नई दिशा प्रदान करने के साथ-साथ स्वदेशी तकनीकों के विकास, नवाचार को बढ़ावा देने तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं रक्षा क्षमताओं को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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