त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट
प्रयागराज। मण्डल प्रभारी सतीश जाटव मण्डल में दलाली बजारी करके बीएसपी की लुटिया डुबोने पर तुला-आईपी रामबृज। बहुजन समाज पार्टी प्रयागराज मण्डल के मण्डल प्रभारी सतीश जाटव और जिलाध्यक्ष पंकज गौतम के निजी स्वार्थ दलाली बजारी के चलते वर्तमान में बीएसपी का वोट प्रतिशत और जनाधार बढ़ाने के बजाय राजनैतिक जनाधार और वोट प्रतिशत घटाते हुए बीएसपी की लुटिया डुबोने पर तुला है जो अत्यन्त दुखद और चिंतनीय है। उक्त दोनों मण्डल प्रभारी सतीश जाटव और जिलाध्यक्ष पंकज गौतम की पार्टी विरोधी गतिविधियों और उक्त दोनों द्वारा पार्टी में पैदा की जा रही गुटबाजी पर रोक नहीं लगाया गया तो जिला पंचायत और विधानसभा के चुनाव के समय पार्टी में और बड़ी दरार आ जाएगी जो और भी अधिक विषैला व हिंसक हो जाएगा।
डा. अम्बेडकर वेलफेयर नेटवर्क (डान) के संस्थापक उच्च न्यायालय के अधिवक्ता आईपी रामबृज पार्टी के शुभचिंतकों और समर्थक लोगों से बातकर एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि सभी पार्टियों की राजनीति करोड़ों गरीबों व आमजन के हित में होनी चाहिये जो बीएसपी में पिछले विधानसभा चुनाव 2012 से ही देखने को नहीं मिल रही है। देश की आंतरिक एवं बाहरी चुनौतियां बढ़ी हैं। उच्च सरकारी, गैरसरकारी संस्थाओं व राजनीति में उच्च पदों पर बैठे लोगों के बारे में जिस प्रकार की अभद्र, अशोभनीय, अमर्यादित व असंसदीय टिप्पणियां सार्वजनिक तौर पर करके उनकी व देश की छवि को धूमिल करने के जो प्रयास किये जा रहे हैं, वह दुखद व चिंतनीय हैं। बसपा शुरू से ही सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय के अम्बेडकरवादी सिद्धांत और नीति पर चलती रही है और किसी भी प्रकार की दूषित व जहरीली राजनीति के खिलाफ है किन्तु बीएसपी प्रयागराज मण्डल के मण्डल प्रभारी सतीश जाटव और जिलाध्यक्ष पंकज गौतम तथा त्रिभुवन जैसल की तीन की तिगड़ी ने बीएसपी इकाई प्रयागराज मण्डल के अन्दर गुटबाजी पैदा कर दी है जिससे वास्तव में सही कार्यकर्ताओं को पार्टी में पदाधिकारी न बनाकर मेवालाल गौतम की जी हजूरी और उनकी चाटुकारिता कर सपा और भाजपा के समर्थित लोगों को जिले का जिलाध्यक्ष और मण्डल प्रभारी बनाया जा रहा है। प्रयागराज में दलाली, बजारी और चाटुकारिता से बगावत करने वालों का पहले पद लिया जाता है उसके बाद उसे पार्टी से निकाल दिया जाता है। पूछे जाने पर आईपी रामबृज ने बताया कि देश का एक आम नागरिक यदि अपने देश के प्रधानमंत्री से मिलना चाहे तो मिल सकता है। कांग्रेस के राहुल, सोनिया या प्रियंका गांधी से मिलना चाहे तो मिल सकता है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव से मिलना चाहे तो मिल सकता है किन्तु बीएसपी में कितना भी मिशन मूवमेंट पर काम करने वाला कितना भी वरिष्ठ कार्यकर्ता क्यों न हो किन्तु बीएसपी प्रमुख बहन मायावती से वही मिल सकता है जिसका जेब मजबूत हो गा यानि बीएसपी रूपी मन्दिर में मायावती रूपी जीवित देवी से दर्शन हेतु चढ़ावा के बगैर दर्शन मुश्किल ही नहीं असंभव है।
आईपी रामबृज का कहना है की बीएसपी रूपी मन्दिर का पंडा रूपी मेवालाल गौतम हर कार्य सम्भव करा सकता है बशर्ते उसके जेब भरने के लिए चढ़ावा के अलावा किसी के पास अतिरिक्त अर्थ होना चाहिए। बीएसपी के शुभचिंतक मण्डल प्रभारी सतीश जाटव और जिलाध्यक्ष पंकज गौतम पर बीएसपी प्रमुख अब कितनी जल्दी कार्यवाही करेंगी ये तो वक्त बताएगा। सूत्रों का कहना है की मायावती जब अपने समधी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव डा. अशोक सिद्धार्थ की नहीं हुई तो पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मेवालाल गौतम सतीश जाटव और जिलाध्यक्ष पंकज किस खेत की मूली है। कार्यकर्ताओ के मध्य विगत छः महीनों से बीच बीच में सतीश जाटव और जिलाध्यक्ष पंकज गौतम के पार्टी विरोधी और गुटबाज़ी से परेशान है जिनके विरोधी पोस्ट सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे है और जल्द ही मेवालाल गौतम के विरुद्ध जमीन पर मुर्दाबाद के नारे, पुतला दहन के रूप में विरोध आगामी 27 नवम्बर से देखे जा सकते है।










