त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट
प्रयागराज। सभी समस्याओं का समाधान है गीता। गीता में अर्जुन के माध्यम से श्री कृष्ण ने सम्पूर्ण मानव समाज को संदेश दिया है यह बातें गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानन्द जी महाराज के सानिध्य में एक दिवसीय होटल राही इलावर्त, पर्यटन विभाग,सिविल लाइन बस अड्डे के बगल आयोजित “गीता गोष्ठी” में कहीं।
स्वामी जी ने गीता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवत गीता मनोविज्ञान का अद्भुत ग्रन्थ है। यह ग्रन्थ संवाद शैली का शास्त्र है।सभी समस्याओं का समाधान है गीता। गीता में अर्जुन के माध्यम से श्री कृष्ण ने सम्पूर्ण मानव समाज को संदेश दिया है। गीता हमें ज्ञान देती है कि सनातन धर्म का प्रथम कर्तव्य है कि जहाँ से कुछ पाया है वहाँ के प्रति कृतज्ञ रहो।
स्वामी जी ने कहा कि प्रमादी नहीं पुरुषार्थी बनो,स्वार्थी नहीं परमार्थी बनो।जीवन जीने की प्रेरणा है गीता। गीता कहती है कि लक्ष्य प्राप्ति के लिए अपना सर्वस्व लगाओ फल की चिंता मत करो। उल्लेखनीय है कि आगामी २३ नवम्बर को लखनऊ में गीता जयंती समारोह का आयोजन होगा।मुख्य अतिथि आर एस एस प्रमुख मोहन भागवत होंगे।
पूर्व गृह सचिव जीओ गीता उत्तर प्रदेश के संयोजक मणि प्रसाद मिश्र जी ने स्वागत भाषण देते हुए गोष्ठी की भूमिका रखी और भाजपा के वरिष्ठ नेता योगेश ने धन्यवाद ज्ञापित किया। दीप प्रज्वलन में पूर्व आई पी एस जुगुल किशोर तिवारी, पूर्व आई ए एस सर्वज्ञ राम मिश्रा, मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ एस पी सिंह, पूर्व कुलपति राजा राम यादव, डॉ विभा मिश्रा, प्रो गिरीश चन्द्र त्रिपाठी आदि मौजूद रहे। महाराज जी का पुष्प गुच्छ देकर अपर शासकीय अधिवक्ता शशांक शेखर पांडेय, विमलेंदु त्रिपाठी, दिनेश तिवारी, दत्तात्रेय पांडेय, हरिमोहन पांडेय, विनय कुमार शुक्ल,रश्मि त्रिपाठी, डा प्रमोद शर्मा,डा उमेश दत्त तिवारी, चंद्रभूषण तिवारी, प्रमोद मोदी, मनोज त्रिपाठी,अनुराग शुक्ल आदि ने स्वागत किया।गोष्ठी में भारी संख्या में शिक्षाविद, साहित्यकार, पत्रकार, चिकित्सक, अधिवक्ता, सामाजिक कार्यकर्ता, मातृ शक्ति, सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।










