शहर के बीच होना था गेस्ट हाउस, सुनसान इलाके में बनवाकर जोहर से जोड़ा गया खुफिया रास्ता, नए डीएम के संज्ञान में आते ही हटा लोहे का गेट, दीवार तोड़कर की गई कड़ी कार्रवाई
मंडल प्रभारी अवनीत कुमार शर्मा की रिपोर्ट
रामपुर। सरकारी गेस्ट हाउस बना आजम खान का निजी ऐशो-आराम केंद्र। रामपुर में सरकारी संपत्तियों के दुरुपयोग का एक और बड़ा मामला सामने आया है। पूर्व मंत्री आजम खान से जुड़े सरकारी गेस्ट हाउस को नियमों की धज्जियां उड़ाकर निजी ऐशो-आराम का केंद्र बना दिया गया। नियमानुसार यह गेस्ट हाउस शहर के बीचों-बीच होना चाहिए था, ताकि प्रशासनिक अधिकारी, वीआईपी अतिथि और जनप्रतिनिधि आसानी से पहुंच सकें, लेकिन इसे जानबूझकर शहर से दूर एक सुनसान स्थान पर विकसित किया गया।
आरोप है कि गेस्ट हाउस की यह लोकेशन इसलिए चुनी गई ताकि इसे निजी इस्तेमाल में लाया जा सके और आम जनता व प्रशासन की निगाह से दूर रखा जा सके। इतना ही नहीं, गेस्ट हाउस से जोहर क्षेत्र तक एक खुफिया रास्ता तैयार किया गया, जिसे बाद में दीवार खड़ी कर और भारी लोहे का गेट लगाकर पूरी तरह बंद कर दिया गया।
सरकारी धन से बना निजी रास्ता
सूत्रों के अनुसार, इस रास्ते और दीवार के निर्माण में सरकारी धन का खुला दुरुप्रयोग किया गया। यह रास्ता आम नागरिकों के लिए नहीं बल्कि निजी आवागमन और वीआईपी मूवमेंट के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। वर्षों तक यह अवैध व्यवस्था प्रशासन की आंखों से ओझल रही। नए डीएम ने दिखाई सख्ती मामला जब नए जिलाधिकारी के संज्ञान में आया तो उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रशासनिक अमले ने मौके पर पहुंचकर लोहे का गेट हटवाया और जिस दीवार के जरिए रास्ता बंद किया गया था, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई।
डीएम के निर्देश पर पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि गेस्ट हाउस को शहर से दूर स्थानांतरित करने का निर्णय किसके आदेश पर लिया गया और इसमें किन-किन अधिकारियों की भूमिका रही।
नियमों को ताक पर रखकर किया गया निर्माण
प्रशासनिक जानकारों का कहना है कि सरकारी गेस्ट हाउस का निर्माण जनसुविधा और प्रशासनिक उपयोग के लिए होता है, न कि किसी व्यक्ति विशेष के निजी लाभ के लिए। शहर से दूर गेस्ट हाउस बनाकर और उसे निजी परिसरों से जोड़ना नियमों का खुला उल्लंघन है।
अब और खुलासों की उम्मीद
इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने पर और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं और यदि सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों पर सख्त कार्रवाई तय मानी जा रही है।










