मरहूम माफिया अतीक अहमद के भाई के नाम नाम की जमीन पर कर चुका है प्लाटिंग
पीडीए ने कई बार दर्ज कराया है इस माफिया पर मुकदमा
प्रयागराज। भू माफिया लड़ेगा बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश का चुनाव। बार कौंसिल ऑफ़ उत्तर प्रदेश इलाहाबाद का चुनाव में नामांकन जहां शुरू हो गया है वही प्रयागराज का एक भूमामिया अब इस चुनाव में हिस्सेदारी करने के लिए कमर कस ली। उसने बार काउंसिल के सामने भी अपने पोस्टर बैनर लगा दिए इसके साथ ही शहर भर में उसके बैनर पोस्टर दिख रहे हैं। यह कोई छोटा माफिया नहीं है इसने मरहूम माफिया अतीक अहमद के भाई के नाम की सैकड़ो बीघा जमीन पर प्लाटिंग कर रातों-रात करोड़पति बना था। भले ही पीडीए ने इस पर कई मुकदमे दर्ज कराया लेकिन अब तक यह सांठगांठ कर पुलिस से बचता रहा है।
सूत्रों का दावा है कि अतीक अहमद की बनी माफिया की लिस्ट में इसका भी नाम था लेकिन अपने रसूख के चलते इसने अपना नाम वहां से हटवा दिया। जानकारी के अनुसार शहर पश्चिम में कभी आतंक का पर्याय रहे माफिया अतीक अहमद और उसका छोटा भाई अशरफ पूर्व विधायक राजू पाल मर्डर केस में आरोपी थे इस बीच इन माफिया ने इस केस के मुख्य गवाह उमेश पाल की सरेआम हत्या कर दी। दोनों माफिया भाइयों को हुई गैंगवार में मार दिया गया। लेकिन उनके गुर्गे पश्चिम में लगातार प्लाटिंग कर रातों-रात अमीर बन रहे हैं, इसी में एक नाम अतुल कुमार द्विवेदी का भी है जिस पर पीडीए यानी प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने अशरफ की नाम की जमीन को प्लाटिंग करने पर इस माफिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया इस पर एक नहीं कई मुकदमे अब तक पीडीए दर्ज कर चुका है। अब यह माफिया प्रशासन से बचने के लिए बर काउंसिल का चुनाव लड़ने के लिए शहर भर में अपने बैनर पोस्टर लगवा दिया है और एक-दो दिन में अपना नामांकन कर देगा।
ऐसे में सवाल उठता है कि जहां बार काउंसिल ऑफ इंडिया दागी और अपराधी छवि के अधिवक्ताओं को इस पेशे से बाहर करने की कवायद में जूटा है वही कानून का मजाक बनाकर एक माफिया अब इस चुनाव में भागीदारी करने के लिए कमर कस चुका है, ऐसे में क्या इस माफिया को चुनाव लड़ने से बार काउंसिल ऑफ इंडिया रोक पाएगा या फिर यह कानून का मजाक बनाकर चुनाव मैदान में उतरेगा।










