जनता के सहयोग से रेलवे का निजीकरण रोकेंगे- डॉ कमल उसरी
त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट
प्रयागराज। NCRWU-IREF ने शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करते हुए किया आम हड़ताल का नैतिक समर्थन। प्रयागराज जं के हबडा इंड पर शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीके से रेलवे कर्मचारियों ने प्रदर्शन करते हुए संयुक्त ट्रेंड यूनियन के आह्वान पर आम हड़ताल का नैतिक समर्थन किया।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए राष्ट्रीय संगठन महासचिव ‘इंडियन रेलवे इम्प्लाइज फेडरेशन’ IREF -डॉ कमल उसरी ने कहा कि केंद्रीय ट्रेंड यूनियंस द्वारा घोषित एक दिवसीय आम हड़ताल में रेलवे कर्मचारी इसलिए हड़ताल पर नही है क्योंकि एक दिवसीय हड़ताल में सभी रेलवे कर्मचारियों की भागीदारी सम्भव ही नही है, इसीलिए आम हड़ताल में न रहते हुए भी आम हड़ताल का हम नैतिक समर्थन करते हैं,आज केंद्र सरकार जनता की सवारी भारतीय रेलवे का लगातार निजीकरण करते हुए कर्मचारियों के अधिकारों में कटौती कर रही है, चारों श्रमिक कोड बिल मेहनत कशो के गुलामी के दस्तावेज है, जिन्हें सरकार लागू कर रही है, आज देश मे सबसे अधिक युवाओं को रोजगार देने वाली भारतीय रेलवे मे नई भर्ती पूरी तरह से बंद है, आम जनता को यात्रा के दौरान मिलने वाली 52 सुविधाओं में से 36 बंद है, छात्रों, किसानो, मजदूरों, बेरोजगार युवाओं से एकता बनाकर रेलवे में नई भर्ती शुरू करवाने का प्रयास करते हुए यात्रियों को पूर्व में मिलने वाली बंद रेल सुविधाओं हम बहाल करवायेगे, जनता के सहयोग से रेलवे का निजीकरण भी रोकेंगे।
इण्डियन रेलवे इम्प्लॉईज़ फेडरेशन के महामंत्री कॉम मनोज पांडेय ने कहा कि सभी कर्मचारियों की एकता के साथ एनपीएस, यूपीएस और निजीकरण के खिलाफ चल रहे संघर्ष को जारी रखते हुए रेलवे की सुरक्षा, संरक्षा बनाएं रखते हुए ओपीएस को पुनः बहाल कराया जाएगा, फ्रंट अगेंस्ट एनपीएस इन रेलवे FANPSR सम्बद्ध एनएमओपीएस NMOPS के राष्ट्रीय अध्यक्ष मा. विजय कुमार बंधु के नेतृत्व में देश भर में हुए क्रांतिकारी आंदोलनो से सरकार पूरी तरह दबाव में आ गई थी, लेकिन रेलवे में मान्यता प्राप्त दोनों फेडरेशनो के नेताओं ने केंद्र सरकार के साथ मिलकर मेहनतकश रेलवे कर्मचारियों के पीठ में छुरा घोंपते हुए एनपीएस के बाद यूपीएस को लागू करवाया दिया, हमें ख़ुशी है कि जागरूक सरकारी कर्मचारियों ने यूपीएस को भी नकार दिया है, इसीलिए बार- बार यूपीएस फॉर्म भरने की तिथि बढ़ाई जा रही है, रेलवे की सुरक्षा, संरक्षा को सिर्फ़ निजीकरण पर रोक लगाकार बनाया और बचाया जा सकता है, NCRWU-IREF लोकतांत्रिक तरीके से रेलवे कर्मचारियों के हक़ के लिए लड़ते रहेगा।
कार्यक्रम में मुख्यरूप से राम किशोर, दिनेश कुमार, महेंद्र, आलम सुरेंद्र, अंनत यादव, राम स्वरूप मौर्य, संतोष दिवेदी, दीपक वर्मा, सुरेश श्रीवास्तव, पी. एस. राय, प्रमोद राय, शिवेन्द्र प्रताप सिंह, इत्यादि मौजूद रहे।










