सतीश जाटव प्रयागराज मण्डल में दलाली बाजारी करके बना रहा है पदाधिकारी
त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट
प्रयागराज। पार्टी से निष्काशित बंशीधर चौधरी को बिना बहाली के किस आधार पर बनाया गया विधानसभा अध्यक्ष- आईपी रामबृज। बहुजन समाज पार्टी प्रयागराज मण्डल के मण्डल प्रभारी सतीश जाटव और जिलाध्यक्ष पंकज गौतम के निजी स्वार्थ दलाली बजारी के चलते ही वर्तमान में पार्टी का वोट प्रतिशत और खिसकता राजनैतिक जनाधार दुखद व चिंतनीय है। उक्त दोनों के पार्टी विरोधी गतिविधियों और सतत् पार्टी में पैदा की जा रही गुटबाजी पर रोक नहीं लगाया गया तो जिला पंचायत और विधानसभा के चुनाव के समय यह सब और भी अधिक विषैला व हिंसक हो जाएगा।
डा. अम्बेडकर वेलफेयर नेटवर्क (डान) के संस्थापक उच्च न्यायालय के अधिवक्ता आईपी रामबृज ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि एक ओर जहां कौशांबी निवासी पूर्व विधानसभा अध्यक्ष बंशीधर चौधरी जो बीएसपी प्रमुख पर अपशब्दों का प्रयोग करते हुए गाली दिया था और दो दर्जन सेक्टर अध्यक्षों के साथ पार्टी को लात मारते हुए पार्टी से त्यागपत्र दे दिया था। पार्टी में अच्छे मिशनरी लोगों को दरकिनार करते हुए दलाली बाजारी का मास्टर माइंड प्रयागराज मण्डल का मण्डल प्रभारी सतीश जाटव ने बंशीधर चौधरी चौधरी से दलाली बाजारी करते हुए बिना पार्टी में बहाल किए बंशीधर चौधरी को किस आधार पर मंझनपुर विधानसभा का विधानसभा अध्यक्ष बना दिया ? वही दूसरी ओर प्रयागराज जिले का जिलाध्यक्ष पंकज गौतम विधानसभा करछना में पार्टी से दूर दूर तक वास्ता सरोकार न रखने वाले अनूप शर्मा को किस आधार पर करछना विधानसभा का उपाध्यक्ष बनाया गया?
शैडो बामसेफ के जिला संयोजक रहे राम निवास गौतम से पूछे जाने पर बताया कि शैडो बामसेफ में राज्य या केन्द्र के कर्मचारी ही बामसेफ के जिला संयोजक बनाए जाते है किन्तु जिलाध्यक्ष पंकज गौतम ने दलाली बजारी करके रीता गौतम जो एक गृहणी है उन्हें किस आधार पर शैडो बामसेफ का जिला संयोजक बनाया गया है पर सवाल खड़ा होता है। इतना ही नहीं शहर पश्चिमी विधानसभा के विधानसभा अध्यक्ष संजय गौतम को हटाकर श्याम सुंदर पासी को विधानसभा अध्यक्ष बनाया गया। पश्चिमी के लोगों का कहना है कि पार्टी में विधानसभा स्तर पर जो पदाधिकारी बनाए जा रहे हैं उनका पार्टी में दूर दूर तक कोई वास्ता सरोकार नहीं रहा है। जिलाध्यक्ष पंकज गौतम दलाली बाजारी करके बीएसपी में अच्छे लोगों को दरकिनार कर अनजान लोगों को किस आधार पर पदाधिकारी बनाया जा रहा है ?










