“एक शाम अटल जी के नाम” स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई की जन्म जयंती पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन।

"एक शाम अटल जी के नाम" स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई की जन्म जयंती पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन।

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

देवेन्द्र कुमार जैन की रिपोर्ट

भोपाल, मध्य प्रदेश। “एक शाम अटल जी के नाम” स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई की जन्म जयंती पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व.अटल बिहारी वाजपेई की 101 वी जन्म जयंती के मौके पर “एक शाम अटल जी के नाम” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर अर्थशास्त्री और प्रखर राजनीतिज्ञ चाणक्य के जीवन पर आधारित नाटक चाणक्य की शानदार प्रस्तुति दी गई। जीवाजी विश्वविद्यालय के अटल सभागार में हुए इस नाटक की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई।

ग्वालियर की नवोदित कलाकार अंकिता कैलासिया ने इस अवसर पर माँ सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दी।कार्यक्रम के प्रारंभ में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व.अटल बिहारी वाजपेई जी के चित्र पर मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर सहित अन्य विशिष्ट जनों ने पुष्प अर्पित कर अपनी ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की। अटल स्मृति मंच के संयोजक देवेंद्र प्रताप सिंह तोमर रामू भैया ने “एक शाम अटल जी के नाम” आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2019 से यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अटल जी की स्मृति में हुए इस आयोजन से हमें लगातार प्रेरणा और ऊर्जा मिलती रही। क्योंकि अटल जी का व्यक्तित्व ही ऐसा है। इस अवसर पर उन्होंने कहां की जो लोग राजनीति में आना चाहते हैं, उन्हें अटल जी से प्रेरणा लेना चाहिए। राजनीति में अटल जी का कोई शत्रु नहीं था वह अजातशत्रु कहे जाते हैं। एक शाम अटल जी के नाम कार्यक्रम की श्रृंखला में पहली बार ग्वालियर में राजनीति के शिखर पुरुष चाणक्य के जीवन पर आधारित नाटक का मंचन किया जा रहा है। उन्होंने बताया पिछले 37 वर्षों से देशभर में इस नाटक की प्रस्तुतियां हो रही है।

ग्वालियर में आज ज्वलंत ऐतिहासिक नाटक का 1759 वां प्रदर्शन हो रहा है। मिहिर भूता द्वारा लिखित नाटक का निर्देशन और अभिनय श्री मनोज नवनीत जोशी द्वारा किया गया है। चारु जोशी इस नाटक की प्रोड्यूसर हैं। चाणक्य टुकड़ों में बंटे भारत देश को किस तरह एक सूत्र में बांधा और एक शक्तिशाली राष्ट्र की स्थापना की, यह इस नाटक की थीम है। उन्होंने कहा कि हमने चाणक्य को देखा तो नहीं है लेकिन उनके बारे में सुना और पढ़ा जरूर है। उस समय की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए किस तरह एक सामान्य व्यक्ति को सत्तासीन करा कर एक साम्राज्य की स्थापना की। यह अपने आप में अनूठा और अद्भुत है। उन्होंने बताया कि चाणक्य का दर्शन उनका व्यक्तित्व और कृतित्व आज भी सामायिक है। हमें उनके चरित्र और आदर्श से प्रेरणा लेना चाहिए।

Leave a Comment

और पढ़ें

Buzz4 Ai