राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम” के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रयागराज मण्डल में सामूहिक गायन का आयोजन।

राष्ट्रीय गीत "वंदे मातरम" के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रयागराज मण्डल में सामूहिक गायन का आयोजन।

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट 

प्रयागराज। राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम” के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रयागराज मण्डल में सामूहिक गायन का आयोजन। मण्डल रेल प्रबन्धक/प्रयागराज, रजनीश अग्रवाल के नेतृत्व में राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम” के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रयागराज मण्डल कार्यालय में सामूहिक गायन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अपर मंडल रेल प्रबंधक /परिचालन, मो. मुबश्शिर वारिस, अपर मंडल रेल प्रबंधक / सामान्य, दीपक कुमार, वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी, वैभव कुमार गुप्ता एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

यह कार्यक्रम कालातीत रचना के 150 वर्ष पूरे होने पर एक वर्ष तक चलने वाले राष्ट्रव्यापी स्मरणोत्सव के शुभारंभ के क्रम में मनाया गया। “वंदे मातरम” गीत ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को प्रेरित किया और राष्ट्रीय गौरव एवं एकता का अलख जगाता रहा है।

 

राष्ट्रीय गीत "वंदे मातरम" के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रयागराज मण्डल में सामूहिक गायन का आयोजन।
राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम” के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रयागराज मण्डल में सामूहिक गायन का आयोजन।

 

वर्ष 2025 में वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे हो जाएँगे। बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा रचित हमारा राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम” अक्षय नवमी के पावन अवसर पर, जो 7 नवंबर 1875 को था, लिखा गया था। वंदे मातरम पहली बार साहित्यिक पत्रिका बंगदर्शन में उनके उपन्यास आनंदमठ के एक अंश के रूप में प्रकाशित हुआ था। मातृभूमि को शक्ति, समृद्धि और दिव्यता का प्रतीक बताते हुए इस गीत ने भारत की एकता और स्वाभिमान की जागृत भावना को काव्यात्मक अभिव्यक्ति प्रदान की। यह जल्द ही राष्ट्र के प्रति समर्पण का एक स्थायी प्रतीक बन गया।

यात्रियों, कर्मचारियों एवं जन सामान्य को ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ के राष्ट्रव्यापी अभियान से जोड़ने के लिए एवं राष्ट्र के स्वतंत्रता आंदोलन को प्रेरित करने वाले राष्ट्रीय गौरव प्रतीक से जन-जन तक पहुँचने के लिए प्रयागराज मण्डल के सभी प्रमुख स्टेशन प्रयागराज जंक्शन, कानपुर सेंट्रल, पनकीधाम, कानपुर अनवरगंज, प्रयागराज छिवकी, नैनी, सूबेदारगंज, मिर्ज़ापुर, चुनार, शंकरगढ़, विंध्याचल, फ़तेहपुर, सिराथु, इटावा, फ़िरोज़ाबाद, शिकोहाबाद, टूंडला जंक्शन, अलीगढ़ जंक्शन, खुर्जा जंक्शन पर समूहिक रूपर से गायन किया गया एवं इस गीत को प्रसारित किया जा रहा है।

इस अवसर पर प्रयागराज जंक्शन पर एक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया है।

AT Samachar
Author: AT Samachar

Leave a Comment

और पढ़ें

Buzz4 Ai