लोगों ने लिया भरपूर आनंद,जयकारों से गूंजा रामलीला ग्राउंड, जय श्री राम के लगे नारे
मनौरी श्री रामलीला मंचन में हुआ धनुष यज्ञ और सीता विवाह का मनमोहक मंचन
मनौरी/कौशाम्बी/प्रयागराज। रामलीला में धनुष यज्ञ का मनमोहक मंचन… प्रभु श्री राम ने तोड़ा शिव धनुष,सीता ने पहनाई वरमाला। जनपद में इस समय कई जगह रामलीला चल रही है। शाम होते ही दर्शक रामलीला देखने के लिए घरों से निकल पड़ते हैं। रामलीला के कारण इस समय देर रात तक कस्बों में चहल पहल रहती है। मनौरी मे श्री रामलीला कमेटी के तत्वाधान में आयोजित रामलीला मंचन में शनिवार 27 सितम्बर को मनौरी रामलीला में ग्रेजुएट रामलीला कमेटी की ओर से धनुष यज्ञ का मनमोहक मंचन किया गया जिसमें प्रभू श्रीराम ने भगवान शिव के धनुष को तोड़ा तो जय श्रीराम के नारे से पूरा रामलीला परिसर गूंज उठा।नंदिनी सीता ने प्रभू श्रीराम को वरमाला पहनाई। इस दृश्य के साथ ही कलाकारों ने धनुष यज्ञ, सीता स्वयंवर व सीता राम विवाह का भी शानदार मंचन किया। लीला के मंचन में दिखाया गया कि एक बार राजा जनक के राज्य में काफी दिन से बरसात नहीं हुई। चारों तरफ हाहाकार मचा था। राजा जनक को पता चला कि प्रजा दुखी है तो उन्होंने ब्राह्मणों मंत्रणा की। राजा ने ब्राह्मणों की आज्ञा मानकर सोने का हल चलाया। हल घड़े से टकराने पर सुंदर कन्या निकली।
काफी समय से जनक के घर में भगवान शिव का पुराना धनुष रखा था। किसी कारण से सीता ने उस धनुष को अन्यत्र रख दिया। इसकी जानकारी होने पर जनक ने राज्य में सीता स्वयंवर का आयोजन किया। तय किया कि जो इस धनुष को तोड़ेगा उसी से सीता का विवाह होगा। राज्य के बड़े-बड़े राजाओं को निमंत्रण दिया गया। लंकापति रावण भी स्वयंवर में पहुंचे। सभी राजाओं ने धनुष तोड़ने की कोशिश की लेकिन किसी से धनुष हिला तक नहीं। विश्वामित्र ने अपने शिष्य राम को शिव के धनुष को तोड़ने का आदेश दिया। भगवान राम ने धनुष को तोड़ दिया।
धनुष टूटने के बाद तालियों की गड़गड़ाहट के बीच सीता ने प्रभु श्री राम के गले में वरमाला डाल दी। वरमाला डालते ही ‘सियाराम’ के जय घोष से वातावरण गूंजायमान हो उठा। इस मनमोहक दृश्य को देखकर सभी दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए।
देर रात तक चले इस दिलचस्प प्रस्तुति का बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने खूब आनंद लिया। पुलिस प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था के बीच यह प्रसंग शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।इस दौरान समाजसेवी और मेला संरक्षक शंभूलाल केसरवानी, पूर्व मेला अध्यक्ष जगदीश चंद्र केसरवानी, मेला अध्यक्ष कुबेर चंद्र केसरवानी,प्रबंधक दीपू केसरवानी, कोषाध्यक्ष अवधेश केसरवानी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोज पटेल उर्फ मनोज केसरवानी,वरिष्ठ उपाध्यक्ष रतन केसरवानी,व्यापार मंडल अध्यक्ष मनौरी सुधीर केसरवानी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुनील साहू,वरिष्ठ उपाध्यक्ष रमाकांत सिंह पटेल, पूर्व प्रधान और मेला संरक्षक राधेश्याम केसरवानी,मुन्ना केसरवानी,व्यापार मंडल प्रदेश मंत्री नरोत्तम दास ,वीरेंद्र केसरवानी उपाध्यक्ष,राकेश गुप्ता उपाध्यक्ष,पूर्व प्रधान मनौरी रवि केसरवानी , अनिल केसरवानी,युवा नगर अध्यक्ष अंकित केसरवानी,धीरेंद्र केसरवानी, बलराम साहू मंत्री, प्रमोद चंद्र केसरवानी, मुन्ना केसरवानी,रामसजीवन कुशवाहा, उपाध्यक्ष राजेश केशरवानी , राजू स्वामी, राजू केसरवानी,पंकज केसरवानी आदि तमाम रामलीला कमेटी लोगो के साथ हजारों दर्शक मौजूद रहे।










