धर्मेंद्र प्रजापति की रिपोर्ट
चंदौली। वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त जतिन बी राज के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक/रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट डीडीयू प्रदीप कुमार रावत के नेतृत्व में उनि/सरिता गुर्जर साथ स्टाफ एवं ग्राम स्वराज्य समिती चंदौली उत्तर प्रदेश के जिला समन्वयक सौरभ सिन्हा, कार्यक्रम समन्वयक जुनैद खान द्वारा ऑपरेशन आहट/ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत डीडीयू जंक्शन पर अभियान चलाया गया। इस दौरान डीडीयू जंक्शन के पीआरएस काउंटर के पास से 04 नाबालिग लड़कों को समय 11/40 बजे संदिग्ध स्थिति में पाया गया। साथ ही उक्त आरपीएफ टीम के द्वारा बचपन बचाओ आंदोलन की श्रीमती चंदा गुप्ता के साथ अभियान चलाकर और 04 नाबालिग बच्चों को समय 14 बजे रेस्क्यू किया गया।
सभी 08 नाबालिग बच्चों से पूछताछ करने पर अपना नाम और पता क्रमशः (1) शशिकांत कुमार, उम्र लगभग 14 वर्ष, (2) राजनीश कुमार, उम्र लगभग 17 वर्ष, (3) मोहन कुमार, उम्र करीब 16 वर्ष (4) अमरजीत कुमार उम्र करीब सभी थाना देरीगांव, जिला रोहतास बिहार बताये। उक्त चारों नाबालिग लड़कों को रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट डीडीयू पर लाकर काउंसलिंग किया गया, इस दौरान बताया कि वह अपने परिजनों को बिना बताए निकल आये है और बिना किसी उद्देश्य से ट्रेन पकड़ कर किसी बड़े शहर को घूमने जाने की योजना से आए थे। शेष 04 नाबालिगों से पूछताछ करने पर उन्होंने अपना नाम और पता क्रमशः (5) मनमोहन बर्मन, उम्र लगभग 16 वर्ष (6) आबुल बर्मन, उम्र लगभग 16 वर्ष, प (7) नारोप बर्मन, उम्र करीब 16 वर्ष (4) शुभ बर्मन, उम्र करीब 16 वर्ष सभी थाना कालीगंज, जिला दिनाजपुर पश्चिम बंगाल बताये।
उक्त चारों नाबालिग लड़कों को रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट डीडीयू पर लाकर काउंसलिंग किया गया। इस दौरान सभी ने बताया कि वह अपने परिजनों को बिना बताए घर से निकल आये है और बाल श्रम करने के उद्देश्य से ट्रेन पकड़ कर अहमदाबाद या अन्य किसी बड़े शहर को जाने वाले थे। उक्त सभी नाबालिग के परिजनों को उचित माध्यम से सूचना दी गई।सभी रेस्क्यू किए गए नाबालिग बच्चों को उनके परिजनों तक सुरक्षित पहुंचाने हेतु चाइल्ड लाइन डीडीयू के ऑन ड्यूटी स्टाफ को सुरक्षित सुपुर्द किया गया।










