रामपुर जिला पंचायत कार्यालय में सनसनीखेज वारदात, बहस मारपीट और फिर चली गोली, अधिवक्ता फारूक की मौत से मचा हड़कंप।

रामपुर जिला पंचायत कार्यालय में सनसनीखेज वारदात, बहस मारपीट और फिर चली गोली, अधिवक्ता फारूक की मौत से मचा हड़कंप।

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

अधिवक्ता ने उत्साया लिपिक कार्यालय प्रभारी को अपने जान माल का खतरा देख निकाली अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से अपनी जान के सुरक्षा की नजर से हुआ हादसा चली लाइसेंस रिवाल्वर से गोली

मंडल प्रभारी अवनीत कुमार शर्मा की रिपोर्ट 

रामपुर। रामपुर जिला पंचायत कार्यालय में सनसनीखेज वारदात, बहस मारपीट और फिर चली गोली, अधिवक्ता फारूक की मौत से मचा हड़कंप। जिला पंचायत कार्यालय में हुई गोलीकांड की घटना ने पूरे जनपद को झकझोर कर रख दिया है। लाइसेंसी रिवॉल्वर से चली गोली में वरिष्ठ अधिवक्ता फारूक की मौत हो गई। घटना कार्यालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।

सूत्रों और सामने आए सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, अधिवक्ता फारूक अपने दो अन्य वकील साथियों के साथ किसी कार्य को लेकर जिला पंचायत कार्यालय पहुंचे थे। इसी दौरान वहां तैनात लिपिक से किसी बात को लेकर तीखी बहस हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि विवाद बढ़ते-बढ़ते हाथापाई तक पहुंच गया। आरोप है कि अधिवक्ता फारूक ने कार्यालय के अंदर ही आक्रोश में आकर लिपिक के साथ अभद्र व्यवहार किया और थप्पड़ (रेपटे) भी मारे।

सरकारी कार्यालय के भीतर इस प्रकार की मारपीट और दबाव की स्थिति ने पूरे घटनाक्रम को और गंभीर बना दिया है। एक जिम्मेदार अधिवक्ता से कानून की मर्यादा और संयम की अपेक्षा की जाती है। सरकारी दफ्तर में किसी कर्मचारी के साथ मारपीट या गुंडागर्दी करने का किसी को भी अधिकार नहीं है, चाहे वह किसी भी पेशे से जुड़ा हो। कानून के जानकारों का मानना है कि अधिवक्ताओं का दायित्व है कि वे कानून का सम्मान करें और विवाद की स्थिति में वैधानिक प्रक्रिया का सहारा लें।

बताया जा रहा है कि बहस और मारपीट के बाद लिपिक ने गुस्से में आकर अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर निकाल ली और कार्यालय के अंदर ही गोली चला दी। गोली लगते ही अधिवक्ता फारूक गिर पड़े। घटना के बाद आरोपी लिपिक कार्यालय से बाहर निकल आया। सीसीटीवी फुटेज में एक महिला भी बाहर आती हुई दिखाई दे रही है, जो घटना के समय वहां मौजूद थी।
गोली चलने की आवाज से कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस को सूचना दी गई और घायल अधिवक्ता को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने आरोपी लिपिक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

इस घटना के बाद अधिवक्ता संघ में आक्रोश है, वहीं दूसरी ओर सरकारी कार्यालयों में सुरक्षा और अनुशासन को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। कानून के जानकारों का कहना है कि यह घटना दो स्तर पर गंभीर है। एक ओर सरकारी दफ्तर में कथित मारपीट, दूसरी ओर विवाद के बाद घातक हथियार का प्रयोग। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि घटना की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और किसकी कितनी जिम्मेदारी बनती है। रामपुर में दिनदहाड़े हुई इस घटना ने कानून व्यवस्था और पेशागत आचरण दोनों पर बहस छेड़ दी है।

AT Samachar
Author: AT Samachar

Leave a Comment

और पढ़ें

Buzz4 Ai