देशभर से उमड़ेंगे हज़ारों अकीदतमंद, चार दिन चलेंगे रूहानी प्रोग्राम
मंडल प्रभारी अवनीत कुमार शर्मा की रिपोर्ट
रामपुर। भैंसोड़ी शरीफ़ में हज़रत ख्वाजा मुहम्मद फ़साहत हसन शाह का 25वां सालाना उर्स शुरू। तहसील मिलक के भैंसोड़ी शरीफ़ स्थित दरगाह इनायती, राहती व फ़साहती पर महान सूफ़ी संत हज़रत ख्वाजा अलहाज मुहम्मद फ़साहत हसन शाह क़द्दस सिर्रहू का 25वां सालाना उर्स पाक आज से पूरे अकीदत व एहतराम के साथ शुरू हो रहा है। उर्स का आयोजन 18 दिसंबर से 21 दिसंबर 2025 तक किया जाएगा, जिसमें देश के कोने-कोने से अकीदतमंद शिरकत करेंगे।
हज़रत ख्वाजा मुहम्मद फ़साहत हसन शाह का जन्म 19 अगस्त 1955 को भैंसोड़ी शरीफ़ तहसील मिलक, जिला रामपुर में हुआ। प्रारंभिक शिक्षा अपने वालिद मखदूम के सान्निध्य में प्राप्त की। कम उम्र में ही कुरआन पाक, उर्दू व अंग्रेज़ी शिक्षा में दक्षता हासिल की। वर्ष 1971 में दरगाह शाहे रज़ा लखनऊ में सिलसिले में दाख़िल हुए और कठिन रियाज़त व मुजाहिदे के बाद वर्ष 1975 में सज्जादानशीन मुन्तखिब किए गए। आपने अपने जीवन को पूरी तरह अल्लाह और उसके रसूल की रज़ा के लिए वक्फ कर दिया। आपकी सूफ़ियाना तालीमात से हजारों लोगों ने हिदायत पाई। बनारस, मुंबई, कलकत्ता, दिल्ली, आगरा सहित देश के कई शहरों में आपने तब्लीगी सफ़र किए और अनेक खानकाहों की स्थापना कराई। कौमी एकता, भाईचारे और इंसानियत का पैग़ाम आपकी पहचान रहा। आपका विसाल 17 सितंबर 2001 को लखनऊ में हुआ। तब से हर साल भैंसोड़ी शरीफ़ में उर्स पाक अकीदत से मनाया जाता है। आज भी आपके ख़ुलफ़ा और सज्जादानशीन आपकी तालीमात को आगे बढ़ा रहे हैं। उर्स के मौके पर अजमेर शरीफ़ जाने वाले ज़ायरीन भी दरगाह पर हाजिरी देकर खिराजे अकीदत पेश करेंगे।
दरगाह के सज्जादानशीन हज़रत ख्वाजा मुहम्मद सबाहत हसन शाह ने सभी अकीदतमंदों से उर्स में शिरकत कर सूफ़िया किराम की तालीमात से लाभ उठाने की अपील की है।










