‘काला डोरिया’ ते ‘नित खैर मंगा’ दी गूंज, ढोल दी थाप ‘ते झूम उठा NCZCC

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

बैसाखी महोत्सव में पंजाबी गीतों और लोक वाद्यों की जुगलबंदी ने बांधा समां

त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट

प्रयागराज। ‘काला डोरिया’ ते ‘नित खैर मंगा’ दी गूंज, ढोल दी थाप ‘ते झूम उठा NCZCC ढोल की गूंज, सारंगी की सुरीली तान और लोक गीतों की ऐसी मिठास कि पांव खुद-ब-खुद थिरकने लगे… सोमवार की शाम सांस्कृतिक केंद्र प्रेक्षागृह में कुछ ऐसा ही नजारा था। अवसर था उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र,संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार एवं चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘बैसाखी महोत्सव’ का, जहां पंजाब की सतरंगी विरासत मंच पर जीवंत हो उठी। सांस्कृतिक केंद्र का प्रेक्षागृह न केवल दर्शकों से खचाखच भरा था, बल्कि हर कोई पंजाब के पारंपरिक रंगों में रंगा नजर आया।

फोक ऑर्केस्ट्रा ने बांधा समां

महोत्सव का आगाज फोक ऑर्केस्ट्रा ग्रुप ने पारंपरिक ऊर्जा के साथ किया।  मनप्रीत कौर ने  शुक्र दा तिया, जैसे ही ‘आया लाड़ईए तैनु शेरहा वाला व्यावन आया’ और ‘काला डोरिया’ की गीतों की धुनें गूंजीं तो पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कलाकारों ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुति से दर्शकों को पंजाब के मेलों और खेतों की खुशबू का अहसास करा दिया। ओए होए! जिवें ही सुर छिड़े, दर्शक वी खुद नू रोक न सके ते हर गीत ते झूमदे नजर आए।

राखी हुंदल और कुलदीप तूर के सुरों का जादू

प्रसिद्ध गायिका राखी हुंदल ने अपनी मखमली आवाज में ‘मेरी जुगनी दे धागे पक्के’ और ‘भाभो कड़ ले संदूक चो गरारा’ गाकर श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। वहीं, कुलदीप तूर ने जब रूहानी अंदाज में ‘नित खैर मंगा सोह्णेया मैं तेरी’ और ‘अंखियां नु रहन दे’ पेश किया, तो महफिल में सन्नाटा सा खिंच गया और लोग उनके सुरों में खो गए। इसके बाद सुखविंदर कौर के सूफी गीतों ने शाम को और भी रूहानी बना दिया।

लोक वाद्ययंत्रों की जादुई जुगलबंदी

कार्यक्रम का ‘पीक’ तब आया जब परमजीत पम्मी एवं ग्रुप ने ढोल, बांसुरी, हारमोनियम, सारंगी, अलगुजा और तुंबी की जुगलबंदी पेश की। इन पारंपरिक वाद्ययंत्रों के संगम ने ऐसा समां बांधा कि दर्शक देर रात तक अपनी कुर्सियों से बंधे रहे।  नवदीप प्रीत सिंह ने बांसुरी पर, ढोलक पर गुरप्रीत सिंह, सारंगी पर गुलछन सिंह ने साथ दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सरदार मंजीत सिंह, चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी की अध्यक्ष सुखमिंदर कौर बराड़, दीपक खन्ना, फिल्म निर्माता एवं  केंद्र निदेशक सुदेश शर्मा, उप निदेशक डॉ. मुकेश उपाध्याय और कार्यक्रम सलाहकार श्रीमती कल्पना सहाय ने दीप प्रज्वलित कर की। संचालन हिमानी रावत ने किया।

AT Samachar
Author: AT Samachar

Leave a Comment

और पढ़ें

Buzz4 Ai