त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट
प्रयागराज। कानपुर स्थित गौतमबुद्ध पार्क को शिवालय में परिवर्तित करने का नगर निगम की कार्य योजना रोकने के सम्बन्ध में डा. अम्बेडकर वेलफेयर नेटवर्क (डान) के सैकड़ों महिला कार्यकर्ता ने सिविल लाइन स्थित धरना स्थल पर प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन सौंपा।
डान संस्थापक उच्च न्यायालय के अधिवक्ता आईपी रामबृज ने ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि नगर निगम कानपुर द्वारा कल्याणपुर स्थित गौतमबुद्ध पार्क को 15 करोड़ रूपये की लागत से शिवालय पार्क में परिवर्तित करने की योजना को स्वीकृति दी गयी है।गौतमबुद्ध पार्क कानपुर शहर के सबसे बड़े पार्को में शामिल है। गौतमबुद्ध पार्क केवल हरिक्षेत्र ही नहीं बल्कि परम पूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव रामजी अम्बेडकर तथा तथागत भगवान गौतम बुद्ध की करूणा, समानता और भाईचारे के विचारों से जुड़ा हुआ प्रतीकात्मक स्थल है। इसे किसी विशेष धर्म-समप्रदाय के स्वरूप में परिवर्तित करना बुद्धिस्ट व बहुजन समाज की भावानाओं को आहत करेगा एवं संविधान की भावना भी यही है कि सार्वजनिक स्थल किसी विशेष धार्मिक रूप में परिवर्तित न किये जाये। बहुजन समाज धार्मिक स्वतंत्रता का सम्मान करता है किन्तु यह अतिआवश्यक है कि गौतमबुद्ध पार्क का मूल स्वरूप सुरक्षित रखा जाये और यदि नई परियोजनायें करनी हो तो किसी अन्य भू-भाग को चयनित किया जाए।
गौतमबुद्ध पार्क को शिवालय पार्क में परिवर्तन करने की योजना पर तत्काल प्रभाव से रोक लगायी जाए। गौत्तमबुद्ध पार्क का वर्तमान स्वरूप सुरक्षित रखा जाये एवं इसे बुद्ध सांस्कृति पार्क के रूप में सौन्दर्याकरण किया जाए। यदि धार्मिक पर्यटन हेतु शिवालय पार्क नगर निगम कानपुर द्वारा विकसित करना है तो इसके लिए किसी अन्य भू-भाग का चयन किया जाए।
प्रदर्शन में अरविन्द कुमार, कृष्ण कुमार, उर्मिला, सीमा, कविता, लक्ष्मी, रीता, सरिता, सुषमा, रामकली, गायत्री, रन्नू, काजल, रीमा, रीता, मन्नू, प्रीती के साथ सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।










