त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट
प्रयागराज। नाटक ‘भगत सिंह की वापसी’ ने जगाई देशभक्ति की अलख। जब “इंकलाब ज़िंदाबाद” के गगनभेदी स्वर उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के प्रेक्षागृह में गूंजे, तो पूरा सभागार देशभक्ति के भाव से सराबोर हो उठा। अवसर था उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, प्रयागराज एवं संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव–2026 के अंतर्गत बुधवार को मंचित देशभक्ति पर आधारित नाटक “भगत सिंह की वापसी” का। एक्स्ट्रा एन ऑर्गेनाइजेशन की इस प्रस्तुति का निर्देशन युवा रंगकर्मी हरमेन्द्र सरताज ने किया।
नाटक ने भगत सिंह के मूल विचारों, उनके क्रांतिकारी चिंतन और स्वतंत्रता संग्राम के मूल्यों को अत्यंत प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। प्रस्तुति में अंग्रेज़ी शासन के दमन, शोषण और अन्याय के विरुद्ध भारतीय युवाओं के अदम्य साहस तथा मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए सर्वस्व न्योछावर कर देने वाले क्रांतिकारियों के त्याग और बलिदान को कलाकारों ने अपने अभिनय के माध्यम से मंच पर साकार किया। दमदार अभिनय, प्रभावशाली संवाद और भावपूर्ण प्रस्तुति ने दर्शकों को स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास से रूबरू कराते हुए देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत कर दिया।
कलाकारों ने संदेश दिया कि राष्ट्रप्रेम केवल इतिहास का विषय नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का शाश्वत स्रोत है। दमदार अभिनय, प्रभावशाली संवाद, सशक्त मंच-सज्जा और भावपूर्ण प्रस्तुति ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। कई अवसरों पर तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा सभागार गूंज उठा।

उल्लेखनीय है कि संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा महाकवि कालिदास जयंती तथा ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में राष्ट्रीय रंगमंच महोत्सव–2026 का आयोजन किया जा रहा है।
नाटक में हर्षित केसरवानी, मोहम्मद आबिद, रितिक श्रीवास्तव, शिखर चन्द्रा, मानस त्रिपाठी, लवकुश सरोज, एज़ल, विष्णु पांडेय, शालिनी मिश्रा, आयुष केसरवानी एवं हर्ष राज ने अपने शानदार अभिनय से पात्रों को जीवंत कर दर्शकों की भरपूर सराहना बटोरी।










