धर्मेंद्र प्रजापति की रिपोर्ट
चंदौली। आयुष चिकित्सकों ने कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर से की मुलाकात, मानदेय विसंगति दूर करने और नियमितीकरण की उठाई मांग। आयुष वेलफेयर डॉक्टर्स एसोसिएशन के चिकित्सकों ने प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर से मुलाकात कर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत कार्यरत आयुष चिकित्सकों की वर्षों पुरानी समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित मांगपत्र सौंपा। मांगपत्र में आयुष चिकित्सकों के मानदेय में व्याप्त विसंगति दूर करने तथा लंबे समय से सेवाएं दे रहे चिकित्सकों के नियमितीकरण की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
चिकित्सकों ने मंत्री जी को अवगत कराया कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों में लगभग 4,000 आयुष चिकित्सक वर्ष 2009-10 से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत निरंतर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ग्रामीण, दूरस्थ एवं पिछड़े क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
चिकित्सकों ने बताया कि शुरुआती दौर में आयुष एवं एमबीबीएस चिकित्सकों का मासिक मानदेय 24 हजार रुपये के आसपास समान था, लेकिन वर्तमान में एमबीबीएस चिकित्सकों का बेसिक मानदेय लगभग एक लाख रुपये तक पहुंच गया है, जबकि आयुष चिकित्सकों का बेसिक मानदेय मात्र 32 हजार रुपये है। इस विसंगति को दूर करते हुए योग्यता, अनुभव एवं कार्यभार के अनुरूप सम्मानजनक मानदेय निर्धारित करने की मांग की गई।
इसके साथ ही 15 से 17 वर्षों से निरंतर सेवाएं दे रहे आयुष चिकित्सकों के नियमितीकरण, उचित सेवा सुरक्षा तथा सम्मानजनक सेवा शर्तें लागू करने की मांग भी रखी गई।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने चिकित्सकों की बातों को गंभीरता एवं ध्यानपूर्वक सुना तथा उनकी समस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का आश्वासन दिया। मंत्री जी के सकारात्मक सहयोग एवं आश्वासन पर आयुष चिकित्सकों ने उनका आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया।
मुलाकात में प्रमुख रूप से उपस्थित चिकित्सक: डॉ. श्रीप्रकाश त्यागी, डॉ. अवनीश सिंह, डॉ. दीपक चक्रवर्ती, डॉ. मनोज सिंह, डॉ. भवेश त्रिपाठी, डॉ. रजनीश सिंह, डॉ. ए.के. श्रीवास्तव, डॉ. गोपाल मिश्रा सहित अन्य चिकित्सक मौजूद रहे।
आयुष चिकित्सकों ने उम्मीद जताई कि प्रदेश सरकार उनकी वर्षों पुरानी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए मानदेय विसंगति दूर करने और नियमितीकरण की दिशा में सकारात्मक निर्णय लेगी।









