नदियों का संरक्षण और शहरी विकास एक-दूसरे के पूरक ‘शहर नदी संवाद 2026’ कार्यक्रम का हुआ आयोजन

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ATS रिपोर्टर देवेन्द्र कुमार जैन भोपाल मध्यप्रदेश

नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त संकेत भोंडवे ने कहा कि शहरों का विकास और नदियों का संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं; नदियां न केवल पर्यावरण और समृद्ध जैव विविधता का आधार हैं, बल्कि हमारी भावी जल सुरक्षा की संवाहिका भी हैं। नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त संकेत भोंडवे गुरुवार को स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए), भोपाल में आयोजित ‘शहर नदी संवाद 2026’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आधुनिक शहरी नियोजन के केंद्र में नदी, उसकी सहायक धाराओं, जलग्रहण क्षेत्र और प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को प्राथमिकता के साथ समाहित किया जाना अनिवार्य है ।नदी संरक्षण का दायरा केवल मुख्य प्रवाह तक सीमित नहीं रहना चाहिए। हैडवॉटर स्ट्रीम्स एवं सूक्ष्म सहायक धाराओं का संवर्धन ही निरंतर जल प्रवाह, भूजल पुनर्भरण तथा जैव विविधता को संबल प्रदान करता है। उन्होंने भोपाल की कालियासोत नदी सहित अन्य जल प्रणालियों के पुनरुद्धार एवं संरक्षण के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण, स्थानीय समुदायों की सक्रिय सहभागिता और सुव्यवस्थित शहरी नियोजन के मध्य अंतर-विभागीय समन्वय पर विशेष जोर दिया। ‘शहर नदी संवाद 2026’ के मंच पर प्राकृतिक, भौतिक एवं सामाजिक विज्ञान के विशेषज्ञों सहित शोधकर्ताओं, डेवलपमेंट प्रोफेशनल्स, कलाकारों और कवियों ने सहभागिता कर अंतःविषयक दृष्टिकोण साझा किए। कार्यक्रम में दक्षिणी विंध्य क्षेत्र से उद्गमित होने वाले मध्य भारतीय वॉटरशेड की हैडवॉटर धाराओं, तटीय क्षेत्रों (राइपेरियन ज़ोन) के संरक्षण तथा अनियंत्रित शहरीकरण के पर्यावरणीय प्रभावों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। इस संवाद के माध्यम से भावी शोध प्राथमिकताओं, जन-हितैषी नीति-निर्माण और व्यापक लैंडस्केप फ्रेमवर्क के विकास की दिशा तय की गई।

 

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