त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट
प्रयागराज। उत्तर मध्य रेलवे, मुख्यालय, सूबेदारगंज में साइबर सुरक्षा एवं जागरूकता (Cyber Security & Awareness) विषय पर हुआ कार्यशाला का आयोजन। उत्तर मध्य रेलवे, प्रयागराज के वरिष्ठ उप महाप्रबंधक, हिमांशु बडोनी के निर्देशन, उप महाप्रबंधक/सामान्य, उत्तर मध्य रेलवे, प्रयागराज, नितेश कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन, सुनील कुमार गुप्त, सहायक उप महाप्रबंधक, प्रयागराज के नेतृत्व में साइबर सुरक्षा एवं जागरूकता (Cyber Security & Awareness) विषय पर कर्मचारियों को जागरूक करने हेतु उत्तर मध्य रेलवे के अरावली सभा कक्ष में कार्यशाला का आयोजन दिनांक 13 नवम्बर 2025 को किया गया।
उक्त कार्यशाला का शुभारम्भ सुनील कुमार गुप्त, सहायक उप महाप्रबंधक, प्रयागराज द्वारा उप महाप्रबंधक/सामान्य, नितेश कुमार गुप्ता को एवं मुख्य कार्य अध्ययन निरीक्षक, पुष्पेंद्र सिंह द्वारा कार्यशाला में व्याख्यान देने आए चन्द्रशेखर यादव, उप निरीक्षक, साइबर क्राइम थाना, प्रयागराज उत्तर प्रदेश पुलिस को प्लान्टर प्रदान कर किया गया। कार्यशाला में प्रयागराज, झाँसी एवं आगरा मंडल के साथ-साथ मुख्यालय एवं वर्कशॉप के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।
कार्यशाला के व्याख्याता चन्द्रशेखर यादव, उप निरीक्षक, साइबर क्राइम थाना, प्रयागराज उत्तर प्रदेश पुलिस, कांस्टेबल महावीर राय एवं मुख्यालय की आर पी एफ टीम से अतुल कुमार वर्मा एवं आशीष गुप्ता जी द्वारा साइबर फ़्रॉड के प्रमुख कारण जैसे डर, भय, लालच एवं तकनीकी ज्ञान का अभाव बताया और इंटरनेट या डिजिटल माध्यम से की जाने वाली धोखाधड़ी से संबन्धित जानकारी प्रदान करते हुए बचाव से संबन्धित विस्तृत जानकारी प्रदान की जैसे Cyber arrest के माध्यम से ठगी, नकली ईमेल या वेबसाइट के माध्यम से लोगों की व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी चुराना, “आपका खाता बंद होने वाला है, OTP भेजें” जैसी झूठी सूचनाएँ (फिशिंग), मोबाइल SMS के जरिए धोखाधड़ी, जैसे: नकली लॉटरी या इनाम जीतने के संदेश, फ़ोन कॉल द्वारा धोखा देना, जैसे: “मैं बैंक से बोल रहा हूँ, आपका कार्ड ब्लॉक हो जाएगा, OTP बताइए।”

नकली वेबसाइट या सोशल मीडिया पेज से सस्ता सामान दिखाकर पैसे लेकर डिलीवरी न करना (ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड), कार्ड की जानकारी चुराकर ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करना (क्रेडिट/डेबिट कार्ड फ्रॉड), नकली प्रोफाइल बनाकर पैसे या जानकारी माँगना (सोशल मीडिया फ्रॉड), QR कोड स्कैन करवाकर या लिंक भेजकर पैसे निकलवाना (UPI/QR कोड फ्रॉड) जैसे विभिन्न धोखाधड़ी के बारे में एवं उससे बचने के उपाय के बारे में सभी को अवगत कराया एवं इससे बचने के लिए निम्न सुझाव दिये:- OTP, PIN, पासवर्ड किसी से साझा न करें, अनजान लिंक या ईमेल पर क्लिक न करें, बैंक या सरकारी विभाग कभी OTP नहीं माँगते, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करते समय वेबसाइट का URL चेक करें (https:// होना चाहिए), मजबूत पासवर्ड बनाएँ और मोबाइल में Two Step Verification का उपयोग करें, सार्वजनिक Wi-Fi के उपयोग से बचें, एंटीवायरस और सॉफ्टवेयर अपडेटेड रखें, सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी सीमित रखें। साथ ही मोबाइल खो जाने की स्थित में 02 घंटे के अंदर बैंक को सूचित करें एवं UP COP पर, E-FIR दर्ज करें और CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल पर जानकारी दर्ज करें और यदि रेल परिसर में हैं तो RailMadad पर भी अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।
उक्त सावधानी के बाद भी यदि साइबर फ्राड हो जाता है तो राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल https://cybercrime.gov.in पर एवं टोल फ्री नंबर 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं और आवश्यकता अनुरूप 112 पर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
कार्यक्रम का समापन सुनील कुमार गुप्त, सहायक उप महाप्रबंधक द्वारा कार्यशाला के व्याख्याता चन्द्रशेखर यादव, उप निरीक्षक, उत्तर प्रदेश पुलिस को स्मृति चिन्ह प्रदान कर किया गया। उक्त कार्यशाला मुख्य कार्यअध्ययन निरीक्षक, मनदीप कुमार, तथा कार्यअध्ययन निरीक्षक, दिवाकर गुप्ता के कुशल प्रबंधन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के अंत में कार्यअध्ययन निरीक्षक मिथिलेश कुमार ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।










