मिशन संकल्प 2027 के लिए बीएसपी समर्थको का उदगार।

मिशन संकल्प 2027 के लिए बीएसपी समर्थको का उदगार।

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त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट 

प्रयागराज। मिशन संकल्प 2027 के लिए बीएसपी समर्थको का उदगार। सर्वविदित है कि बहुजन समाज पार्टी (बसपा) किसी गमले का पौधा नहीं कि गमले में पानी देना बन्द कर देने मात्र से पौधा सूख जायेगा बल्कि बीएसपी वह वटवृक्ष है जिसकी एक भी एक शाखा काटने मात्र से उनमें से नयी-नयी और सैकड़ों मजबूत शाखाएं खुद निकल आएंगी। ऐसी बात बहुजन नायक मान्यवर साहेब कांशीराम उस समय कहा करते थे जब पिछड़े समाज के तथाकथित सशक्त नेता बीएसपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जंगबहादुर सिंह पटेल, बीएसपी के पूर्व प्रदेश महासचिव सोनेलाल पटेल के साथ नन्द लाल सिंह पटेल, हीरामणि सिंह पटेल, हरिश्चंद्र सिंह पटेल, बरखूराम वर्मा आदि एक-एक करके तत्कालीन समाजवाद का दिखावा करने वाले सपा के मुखिया माननीय मुलायम सिंह यादव के बहकावे में आकर उक्त सभी ने बीएसपी छोड़ दी थी।

बीएसपी शुभचिंतक डा. अम्बेडकर वेलफेयर नेटवर्क (डान) के संस्थापक उच्च न्यायालय के अधिवक्ता आईपी रामबृज ने उक्त सवाल का जवाब देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश स्थित बीएसपी के पुराने त्यागी समर्पित मिशनरी कैडर देने वाले बुद्धिजीवी बीएसपी समर्थक बीएसपी प्रमुख की कार्यशैली और बीएसपी में दलाली बजारी करके अपना जेब गर्म करने वाले बीएसपी के मुख्य मण्डल प्रभारी के क्रिया कलापों से नाराज चल रहे है। ऐसे बीएसपी समर्थक साथियों को जो बहुजन समाज पार्टी से नाराज चल रहे है उनको जोड़कर पुनः बीएसपी मिशन संकल्प 2027 को दृष्टिगत रखते हुए सरकार बनाने के लिए ग्रामीणांचल स्तर पर अलग अलग अभियान के तहत उन्हें जोड़ करके लाखों युवाओं को बसपा में जोड़ने का कार्य किया जा रहा है किन्तु प्रयागराज मण्डल में मण्डल स्तर पर दलाली बजारी करके बीएसपी को हाशिए पर पहुंचाने वाले मण्डल प्रभारियों में सतीश जाटव, त्रिभुवन नाथ जैसल और जिलाध्यक्ष में पंकज गौतम की बीएसपी विरोधी कार्यशैली में परिवर्तन लाने हेतु आलोचनात्मक टिप्पणी अखबारों में प्रकाशित खबर से भी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मेवालाल गौतम तक खबर पहुंचने से भी उनके क्रियाकलापो में कोई परिवर्तन आने का कोई दृष्टिकोण नहीं दिख रहा है। बीएसपी प्रमुख बहनजी बहुजन समाज को मालूम है कि आपने बहुजन समाज के हित को सुरक्षित रखकर अपनी नई कार्यशैली और नई रणनीति सोसल इंजीनियरिंग और सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय के तहत 2007 से 2012 तक अपने बलबूते पर बसपा की सरकार बनायी थी। इस कार्यकाल के दौरान आपके द्वारा असंख्य कार्य किया गया था जिससे आपको विश्वस्तर पर अमिट पहचान मिली। आपके द्वारा किये गये ऐसे ऐतिहासिक कार्य से एक ओर जहां कांग्रेस और भाजपा हाथ धोकर पूरी तरह से आपके पीछे पड़ गई थी तो वहीं 2012 से 2017 के मध्य तथाकथित समाजवादी पार्टी की सरकार भी आपके पीछे बीएसपी को जड़ से उखाड़ फेंकने से नहीं चुकी थी।

डान संस्थापक आईपी रामबृज ने आगे बताया कि सन 1990 से आज तक यानी चौंतीस वर्षों के मध्य बसपा का कोई कैडर नहीं लिया गया। फलतः बहुजन समाज से करोड़ो की संख्या में जो मतदाता पैदा हुये उनमे कैडर और मिशन का अभाव है। बहनजी यदि विधानसभा चुनाव- 2027 से पूर्व अपनी कार्यशैली और रणनीति में परिवर्तन लाते हुये चुनाव से पूर्व मात्र पचहत्तर जिलों में न सही अट्ठारह मंडलों का दौड़ा कर दे तो कैडर के अभाव में इधर-उधर भटक रहे बहुजन समाज के करोड़ो मतदाताओं में बीएसपीरूपी क्रान्ति के लिये एक प्रकार की नई ऊर्जा, नई ताकत आ जायेगी। आज के राजनैतिक परिदृश्य को दृष्टिगत रखते हुये बहनजी को अपनी कार्यशैली व रणनीति में परिवर्तन लाना होगा। क्योंकि गावों में निवास करने वाला निर्बल, गरीब, मजदूर, किसान जैसे बहुजन समाज का 60% मतदाता अपनी देवी तुल्य नायिका का दीदार करने के साथ-साथ उनकी आंखें बहनजी का दिव्य दर्शन पाने के लिये प्यासी हैं और इस हेतु वाट जोह रही है। बहनजी बहुजन समाज का मतदाता आज भी अपने सम्मान का भूखा है न कि पैसे का भूखा है ?

AT Samachar
Author: AT Samachar

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