त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट
प्रयागराज। संविधान पदयात्रा के द्वारा लोगों को अपने अधिकारो और कर्तव्यों के प्रति जागरूक कर रहा है डान। संविधान के सम्मान में संविधान के लिए चलो (वाक फार संविधान) अभियान के तहत डा. अम्बेडकर वेलफेयर नेटवर्क (डान) के संस्थापक उच्च न्यायालय के अधिवक्ता आईपी रामबृज के नेतृत्व में एक 55 दिवसीय संविधान पदयात्रा विगत 03 अक्टूबर 2025 से आगामी 25 नवम्बर 2025 तक प्रतिदिन यमुनापार की तहसील बारा और करछना स्थित विकास खण्ड शंकरगढ़, जसरा, कौंधियारा, चाका और करछना के बहुजन बाहुल्य गांवो में संविधान पदयात्रा’ निकाली जाएगी। शनिवार को यह संविधान पदयात्रा थाना करछना स्थित ग्रामसभा सेमरी ता. पुरवा गांव में निकाली गई।
संविधान के सम्मान में निकाली गई संविधान पदयात्रा में संविधान के अनुच्छेद 17 अस्पृश्यता व छुआछूत मुक्त भारत देश का निर्माण करना। संविधान के अनुच्छेद 15 जातिविहीन भारत देश का निर्माण करना। संविधान के अनुच्छेद 39 (ख) जमीन और उद्योगों का राष्ट्रीयकरण करना। संविधान के अनुच्छेद 13 रूढ़िवादी प्रथा को समाप्त कर वैज्ञानिकता पर आधारित समाज निर्माण करना।
यमुनापार को जिला घोषित किया जाय
यमुनापार स्थित विधानसभा बारा और कोरांव को अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित किया जाय। प्रदेश में अनुसूचित जाति की उपजाति कोल को अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र निर्गत किया जाय आदि मांगो के प्रति जागरूक करते हुए यह अभियान देश के सभी नागरिकों को भारत के संविधान के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने के साथ-साथ अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रोत्साहित करता है। इसके लिए प्रत्येक भारतीय नागरिक को इस अभियान में शामिल होकर संविधान के मूल्यों को मजबूत करने में अपना योगदान देने के लिए आमंत्रित है।
संविधान पदयात्रा में गौरी शंकर, लालचन्द्र, जियुधन, भईयन, छोटेलाल, कुंवर जीत, राम संजीवन, बसंत लाल, कौशलेश, विनोद कुमार, इन्द्रजीत, श्याम बिहारी, राम सूचित, राज बहादुर, अनिल कुमार, अमर चन्द्र, झल्लर, लवकुश, धनराजी, रानी, राम सवारी, सविता, सखी देवी, सुनीता, चम्पा देवी, गुड़िया, राधा देवी के साथ सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।










