त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट
प्रयागराज। उत्तर मध्य रेलवे में वृहद वृक्षारोपण अभियान संपन्न: “जो वृक्ष लगाता है, वह आशा का बीजारोपण करता है” थीम पर रोपे गए लाखों पौधे। महाप्रबंधक, उत्तर मध्य रेलवे नरेश पाल सिंह के दिशा-निर्देशन में दिनांक 26 जुलाई 2026 को उत्तर मध्य रेलवे के तीनों मंडलों—आगरा, झांसी और प्रयागराज—में “जो वृक्ष लगाता है, वह आशा का बीजारोपण करता है” (He who plants trees, plants hope) थीम के अंतर्गत एक व्यापक ‘मेगा स्पेशल वृक्षारोपण अभियान’ का आयोजन किया गया। इस विशेष ड्राइव के दौरान तीनों मंडलों में रेल परिसरों, स्टेशनों और यार्डों में बड़े पैमाने पर पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया।
आगरा मंडल में लगभग 100 विभिन्न स्थानों पर 1 लाख पौधे लगाए गए। इनमें छायादार, फलदार और विभिन्न प्रजातियों के आकर्षक फूल वाले पौधे शामिल रहे। क्षेत्रवार वितरण के तहत मथुरा–अलवर–पलवल क्षेत्र में लगभग 33,000, धौलपुर क्षेत्र में 21,000, लाइन आगरा क्षेत्र में 16,000, आगरा क्षेत्र मंआ 15,000 और ईदगाह क्षेत्र में 15,000 पौधे रोपे गए। यह अभियान आगरा कैंट, मथुरा जंक्शन, ईदगाह, कुबेरपुर, धौलपुर, मनिया, भांडई, ऊदी मोड़ और चिकसाना सहित विभिन्न रेलवे परिसरों में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
झांसी मंडल ने इस ड्राइव के दौरान अभूतपूर्व उत्साह दिखाते हुए लगभग 2 लाख पौधों का रोपण किया। इसमें झाँसी में 57,735 पौधे, ग्वालियर में 55,100 पौधे तथा महोबा व बांदा क्षेत्र में 34,970 पौधे शामिल रहे। इसके अतिरिक्त झाँसी मंडल के कानपुर क्षेत्र में 27,592 और ललितपुर क्षेत्र में 26,965 पौधों का रोपण दर्ज किया गया। वहीं प्रयागराज मंडल ने मुख्यालय द्वारा दिए गए 1.50 लाख के लक्ष्य को पार करते हुए एक ही दिन में 1.62 लाख पौधे रोपे, जिसके साथ ही मंडल द्वारा अब तक किया गया कुल पौधारोपण 6.56 लाख के आंकड़े तक पहुंच गया है।

इस मेगा ड्राइव में रेलवे अधिकारियों, कर्मचारियों, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ स्काउट एंड गाइड के स्वयंसेवकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जैव विविधता को बढ़ावा देना और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करना है। सभी प्रतिभागियों ने लगाए गए पौधों के नियमित संरक्षण और देखभाल का भी दृढ़ संकल्प लिया, ताकि भविष्य के लिए स्वच्छ, हरित एवं स्वस्थ वातावरण का निर्माण किया जा सके।









