त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट
प्रयागराज। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित 25 दिवसीय प्रस्तुतिपरक बाल नाट्य कार्यशाला का रंगमंचीय समापन बच्चों की सृजनशीलता और अभिनय प्रतिभा का साक्षी बनेगा। कार्यशाला के अंतर्गत प्रशिक्षु बच्चों द्वारा तैयार दो नाटकों “जीरो से हीरो” (18 जून) एवं “आर्टिकल 19: ए थिएट्रिकल ट्रिब्यूट टू अनसंग हीरोज” (19 जून)का मंचन सांस्कृतिक केंद्र प्रेक्षागृह में शाम 6:30 बजे से किया जाएगा।
कार्यशाला का निर्देशन थियेटर इन एजुकेशन के जाने-माने विशेषज्ञ कुलदीप सिंह (राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय)एवं सिद्धार्थ पाल द्वारा किया गया। इस दौरान बच्चों ने न केवल रंगमंच के विभिन्न पक्षों जैसे अभिनय, संवाद, अभिव्यक्ति, और मंच परिकल्पना का गहन अभ्यास किया, बल्कि उन्होंने अपने-अपने समूहों में मिलकर नाटकों की कथाएं भी स्वयं तैयार किया है, जो इस कार्यशाला की विशेष उपलब्धि रही।
यह कार्यशाला 8 से 16 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों को ध्यान में रखते हुए आयोजित की गई थी, जिसका उद्देश्य रचनात्मकता, आत्मविश्वास और टीमवर्क को बढ़ावा देना रहा। दोनों प्रस्तुतियाँ न केवल बच्चों के कला कौशल का प्रदर्शन होंगी, बल्कि समाज और संवैधानिक मूल्यों पर गहराई से संवाद भी प्रस्तुत करेंगी।










