ATS रिपोर्टर देवेन्द्र कुमार जैन भोपाल मध्यप्रदेश
नवजात शिशुओं के आधार नामांकन को बढ़ावा देने और प्रत्येक बच्चे को विशिष्ट पहचान दिलाने के उद्देश्य से भोपाल जिले के 13 प्रमुख शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में विशेष आधार नामांकन कैंप आयोजित किए गए। यह पहल भारत सरकार एवं भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण UIDAI के निर्देशों तथा जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में की जा रही है।जिले में 0 से 5 वर्ष तक की आयु के नवजात शिशुओं का शत-प्रतिशत आधार नामांकन सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य संस्थानों में विशेष व्यवस्था की गई है। इस अभियान के अंतर्गत अस्पतालों में भर्ती नवजात शिशुओं तथा प्रसव के बाद अस्पताल आने वाले बच्चों के आधार नामांकन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। सभी 13 स्वास्थ्य संस्थानों में प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को नियमित आधार नामांकन कैंप आयोजित किए जाएंगे। कैंप में IPPB के अधिकृत आधार संचालकों द्वारा नवजात शिशुओं का निःशुल्क आधार नामांकन किया जाएगा। इसके लिए आधार संचालक निर्धारित दिनों में संबंधित अस्पतालों में उपस्थित रहेंगे। आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम एवं संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों के माध्यम से संस्थागत प्रसव के दौरान अभिभावकों को आधार नामांकन के लिए प्रेरित किया जा रहा है। प्रशासन द्वारा अभिभावकों से अपील की गई है कि वे बच्चे के जन्म के उपरांत संबंधित अस्पताल में ही उसका आधार नामांकन अवश्य करवाएं, ताकि विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा हो सके। इन 13 स्वास्थ्य संस्थानों में आयोजित किए जाएंगे नियमित कैंप अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), भोपाल,गांधी चिकित्सा महाविद्यालय एवं हमीदिया चिकित्सालय, भोपाल,जय प्रकाश चिकित्सालय, भोपाल,डॉ. कैलाश नाथ काटजू चिकित्सालय, भोपाल,जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय (गैस राहत), भोपाल,पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक चिकित्सालय, भोपाल,सिविल अस्पताल, बैरागढ़, भोपाल,सिविल अस्पताल, गोविंदपुरा-हथाईखेड़ा, भोपाल,सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, गांधी नगर, भोपाल,सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बैरसिया, भोपाल,सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कोलार, भोपाल,प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, मिसरोद, भोपाल,प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, फंदा, भोपाल,इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक द्वारा प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को आयोजित होने वाले इन नियमित कैंपों से नवजात शिशुओं के आधार नामांकन की प्रक्रिया को अस्पताल परिसर में ही सरल, सुगम एवं निःशुल्क बनाया गया है। इससे बच्चों की पहचान संबंधी दस्तावेज समय पर तैयार होने के साथ-साथ पात्र हितग्राहियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ प्राप्त करने में भी सुविधा होगी।










