त्रिभुवन नाथ शर्मा की रिपोर्ट
प्रयागराज। लोककला की महान साधिका स्व. तीजन बाई को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि। पंडवानी की वह बुलंद आवाज, जिसने भारतीय लोककला को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाई, अब स्मृतियों में अमर हो गई है। पद्म विभूषण स्व. डॉ. तीजन बाई को संगम में अस्थि विसर्जन से पूर्व रविवार को उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित श्रद्धांजलि सभा में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। श्रद्धांजलि सभा में उमड़ी कलाकारों, रंगकर्मियों, साहित्यकारों, संस्कृति प्रेमियों तथा शहर के गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति ने यह साबित कर दिया कि तीजन बाई केवल एक लोकगायिका नहीं, बल्कि भारतीय लोकसंस्कृति की जीवंत पहचान थीं। श्रद्धा, स्मृतियों और भजनों से गूंजते वातावरण में हर आंख नम थी और हर जुबां पर लोकसंस्कृति की इस महान विभूति के प्रति सम्मान के स्वर थे।
गौरतलब है कि विश्वविख्यात पंडवानी गायिका एवं भारतीय लोक परंपरा की महान साधिका पद्म विभूषण स्व. डॉ. तीजन बाई का 5 जुलाई 2026 को 70 वर्ष की आयु में रायपुर स्थित एम्स अस्पताल में निधन हो गया था। श्रद्धांजलि सभा में केन्द्र के उपनिदेशक डॉ. मुकेश उपाध्याय ने कहा कि “डॉ. तीजन बाई भारतीय लोकसंस्कृति की अमूल्य धरोहर थीं। उन्होंने अपने संघर्ष, समर्पण और अद्भुत कला-साधना से पंडवानी को विश्वभर में नई पहचान दिलाई। उनका संपूर्ण जीवन कला-साधकों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा।”
कार्यक्रम सलाहकार कल्पना सहाय ने कहा कि सच्ची प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती। उन्होंने भारतीय लोक परंपरा को विश्व मंच पर गौरवान्वित किया।”
डॉ. धनंजय चोपड़ा ने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि “जिस समय संसाधनों का अभाव था, उस दौर में भी तीजन बाई ने अपने अद्वितीय कौशल और कठिन परिश्रम के बल पर पंडवानी को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। उनका जीवन प्रत्येक लोक कलाकार के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।”

छत्तीसगढ़ के दुर्ग से स्व. डॉ. तीजन बाई का अस्थि कलश उनके पुत्र दिलहरण पारधी, पौत्र सौरभ पारधी, नाती झाकेश्वर देशमुख तथा धन्नूलाल सिन्हा (सचिव) एवं मनहरण सार्वा द्वारा रेल मार्ग से उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र लाया गया। संगम में अस्थि विसर्जन से पूर्व आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मनोज गुप्ता ने गायत्री मंत्र, ‘भज मन चरण राम सुखदायी’ तथा ‘हे राम, हे राम’ भजनों की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। भक्ति और श्रद्धा से ओत-प्रोत इन प्रस्तुतियों ने पूरे सभागार को भाव-विह्वल कर दिया और उपस्थित लोगों ने मौन रहकर स्व. तीजन बाई को अंतिम नमन किया।
स्व. डॉ. तीजन बाई की अस्थियों का सोमवार को संगम में विधि-विधानपूर्वक विसर्जन किया जाएगा
इस अवसर पर डॉ. धनंजय चोपड़ा, अभिलाष नारायण, अजय मुखर्जी, राम प्रकाश राय, डॉ. कृष्णानंद पाण्डेय, सुषमा शर्मा, भूपेन्द्र शुक्ला, प्रणेश देश पाण्डेय, रंजना त्रिपाठी, आश्रया द्विवेदी, बीना सिंह, राकेश सिन्हा, कंचन लाल, उदय चंद्र परदेशी, राजेश गुप्ता , संगीत राय, अनुराधा श्रीवास्तव, संगीता द्विवेदी, स्वाती निरखी, उमेश कनौजिया,सहित केन्द्र के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।










